हैदराबाद: तेलंगाना विधानसभा में बुधवार को लगातार तीसरे दिन जोरदार हंगामा हुआ। हंगामे के बाद BRS के 19 विधायकों को मॉनसून सत्र के बाकी समय के लिए सस्पेंड कर दिया गया। सस्पेंड किए गए विधायकों में पार्टी के वरिष्ठ नेता K.T. रामा राव (KTR) और टी. हरीश राव भी शामिल हैं।
वेल में पहुंचकर BRS विधायकों ने किया प्रदर्शन
हंगामे के दौरान BRS विधायक विधानसभा अध्यक्ष के पोडियम के पास पहुंच गए और ‘हमें न्याय चाहिए’ के नारे लगाने लगे। विधायक राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और अपनी महिला विधायकों के साथ कथित बदसलूकी के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे थे।
संसदीय मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने BRS विधायकों के खिलाफ सदन की कार्यवाही में बार-बार बाधा डालने को लेकर सस्पेंशन का प्रस्ताव रखा। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार ने 19 विधायकों को सस्पेंड करने की घोषणा की।
KTR ने दिया था स्थगन प्रस्ताव
इससे पहले KTR के नेतृत्व में BRS विधायकों ने स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया था। इसमें विधानसभा के बाहर पार्टी की महिला विधायकों के साथ पुलिस की कथित मनमानी और कुछ कांग्रेस नेताओं द्वारा BRS प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (KCR) को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने के आरोपों पर चर्चा की मांग की गई थी।
अध्यक्ष और सरकार के मंत्रियों ने कई बार BRS विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने और विधानसभा की तय प्रक्रिया का पालन करने की अपील की। लेकिन विधायक अपनी मांग पर अड़े रहे और सदन के वेल में प्रदर्शन करते रहे। इसके बाद उनके खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई की गई।
कौन-कौन विधायक हुए सस्पेंड?
सस्पेंड किए गए 19 विधायकों में अनिल जाधव, जी. जगदीश रेड्डी, गंगुला कमलाकर, कौशिक रेड्डी, कोवा लक्ष्मी, पी. सबिता इंद्रा रेड्डी और वी. सुनीता लक्ष्मा रेड्डी समेत कई विधायक शामिल हैं।
तेलंगाना विधानसभा में कुल 119 सदस्य हैं और इनमें BRS के 37 विधायक हैं। ऐसे में 19 विधायकों के सस्पेंड होने से विधानसभा में विपक्ष की मौजूदगी काफी कम हो गई है।
BRS का कहना है कि उसके विधायकों ने MLC मधु की कथित टिप्पणियों को लेकर अध्यक्ष से पहले ही माफी मांग ली थी।
राज्यपाल से मिले KTR और BRS नेता
सस्पेंशन के बाद KTR के नेतृत्व में BRS नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से मिलने राजभवन पहुंचा। नेताओं ने महिला विधायकों के साथ पुलिस की कथित बदसलूकी और KCR के आवास पर हुए कथित हमले के मामले में राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की।
KTR ने कहा कि अगर तेलंगाना में उन्हें न्याय नहीं मिला, तो BRS राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और राष्ट्रीय महिला आयोग से भी शिकायत करेगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BRS के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ गया है।

