ब्रिटेन ने मंगलवार को वेस्ट बैंक में स्थित इजरायली बस्तियों से आने वाले सामानों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया। ब्रिटिश सरकार ने इजरायल पर वेस्ट बैंक में रहने वाले फिलिस्तीनियों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
ब्रिटेन ने कहा कि इस फैसले में फ्रांस और कनाडा भी उसका साथ देंगे। वहीं, इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने ब्रिटेन के इस फैसले का विरोध किया और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से पूर्वी यरुशलम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को बंद करने की मांग की।
कई यूरोपीय देश भी प्रतिबंध के समर्थन में
ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने कहा कि यह फैसला एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, पोलैंड, पुर्तगाल और स्वीडन ने भविष्य में ऐसे और कदम उठाने का समर्थन किया है।
वहीं, नीदरलैंड, आयरलैंड, बेल्जियम, स्पेन और नॉर्वे पहले ही इन बस्तियों से आने वाले सामानों पर प्रतिबंध लगा चुके हैं या इस दिशा में कदम उठा रहे हैं।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
हाउस ऑफ कॉमन्स में एड मिलिबैंड ने कहा कि ब्रिटेन आने वाले हफ्तों में प्रतिबंध से जुड़ी पूरी जानकारी जारी करेगा।
उन्होंने कहा कि केवल अन्याय और लोगों की पीड़ा की निंदा करने से काम नहीं चलेगा। ब्रिटेन को वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों के विस्तार का विरोध करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
हालांकि, इस फैसले के समय को लेकर कुछ लोगों ने सवाल भी उठाए हैं, क्योंकि यहूदी समुदाय के पवित्र दिनों की शुरुआत से कुछ दिन पहले यह घोषणा की गई है।
वेस्ट बैंक के इजरायली कब्जे पर ब्रिटेन का रुख
मिलिबैंड ने कहा कि ब्रिटेन वेस्ट बैंक में इजरायली कब्जे को गैरकानूनी मानता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वेस्ट बैंक के कुछ इलाकों में फिलिस्तीनियों को वहां से हटाने की कोशिशें हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन अब ऐसी स्थिति का मूकदर्शक नहीं बना रह सकता, जिसमें लोगों को पीड़ा हो और दो-राष्ट्र समाधान को नुकसान पहुंचे।
इजरायल ने ब्रिटेन के फैसले का विरोध किया
इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने ब्रिटेन के फैसले की आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से पूर्वी यरुशलम में स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को बंद करने की अपील की।
उन्होंने इसे ब्रिटेन की ओर से इजरायल के खिलाफ उठाया गया कदम बताया और इसके जवाब में कड़ी कार्रवाई की मांग की।
फ्रांस भी शुरू करेगा प्रतिबंध की प्रक्रिया
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने भी मंगलवार को कहा कि फ्रांस वेस्ट बैंक की इजरायली बस्तियों से आने वाले उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
उन्होंने कहा कि वेस्ट बैंक में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। उनके मुताबिक, इजरायली बस्तियों का विस्तार हो रहा है और फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं।
क्या है वेस्ट बैंक विवाद?
वेस्ट बैंक इजरायल और फिलिस्तीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद का प्रमुख क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी रहते हैं, जबकि इजरायली बस्तियां भी मौजूद हैं।
इजरायली बस्तियों का विस्तार और फिलिस्तीनी इलाकों में हिंसा लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद का विषय रही है। ब्रिटेन और कुछ अन्य यूरोपीय देश अब आर्थिक और कूटनीतिक कदमों के जरिए इजरायल पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

