अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को करीब छह महीने हो चुके हैं, लेकिन तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने अमेरिका की एक रिमोट से चलने वाली ड्रोन बोट पर हमला किया है।
IRGC के मुताबिक, यह ड्रोन बोट होर्मुज जलडमरूमध्य के सुरक्षित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी। ईरानी सेना ने कहा कि यह रणनीतिक समुद्री रास्ता ईरान के नियंत्रण में है और यहां किसी भी दुश्मन की गतिविधि का जवाब दिया जाएगा।
IRGC ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे इस इलाके से बाहर निकलना चाहिए और अपनी गतिविधियां बंद करनी चाहिए।
खर्ग आईलैंड के पास तेल टैंकर पर हमले का दावा
इससे पहले शनिवार सुबह ईरानी मीडिया ने खर्ग आईलैंड के पास एक तेल टैंकर पर हमले की खबर दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर कम से कम 4 अमेरिकी मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद क्रू मेंबर्स को जहाज खाली करना पड़ा।
इसके कुछ समय बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी ईरान के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी ली।
अमेरिका ने ईरान के 3 तेल टैंकरों को बनाया निशाना
CENTCOM के मुताबिक, IRGC ने क्षेत्रीय जल में गश्त कर रहे दो अमेरिकी युद्धपोतों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों पर हमला किया।
अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, M/T डाउनी और M/T स्टार्क 1 को नुकसान पहुंचा, जबकि ओमान की खाड़ी में मौजूद M/T काइलो को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
पीट हेगसेथ ने दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी जहाजों पर हमला किया गया तो अमेरिका ईरान के तेल टैंकरों को नष्ट या डुबो सकता है।
उन्होंने कहा कि ईरान का तेल टैंकर बेड़ा अमेरिकी कार्रवाई से सुरक्षित नहीं है।
ईरान ने अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपने वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की है। ईरान ने कहा कि क्षेत्र में लगातार की जा रही अमेरिकी और उसके सहयोगियों की आक्रामक कार्रवाइयों के परिणामों के लिए वही जिम्मेदार होंगे।
इसके बाद IRGC ने दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में अनधिकृत रास्तों से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों और दूसरे इलाकों में अमेरिका से जुड़े तीन जहाजों को निशाना बनाया है।
अमेरिका और ईरान के इन दावों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

