रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार यूक्रेन का एयरस्पेस सीमित समय के लिए खोला गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के बाद हवाई रास्ते से यूक्रेन की राजधानी कीव के लिए रवाना हुए हैं।
यह यात्रा ऐसे समय हुई है, जब रूस और यूक्रेन ने अपनी राजधानियों मॉस्को और कीव पर 72 घंटे तक हमले रोकने पर सहमति जताई है।
साढ़े चार साल बाद हवाई यात्रा का रास्ता खुला
फरवरी 2022 से यूक्रेन का एयरस्पेस बंद है और देश में नियमित हवाई यातायात नहीं हो रहा है। ऐसे में मॉस्को से कीव के लिए अमेरिकी दूतों की हवाई यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है।
यह घटनाक्रम रूस और यूक्रेन के बीच चल रही शांति वार्ता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। अमेरिकी दूत मॉस्को और कीव दोनों जगह बातचीत कर रहे हैं।
पुतिन से मिले विटकॉफ और कुशनर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की।
क्रेमलिन की ओर से जारी वीडियो में पुतिन दोनों अमेरिकी दूतों का स्वागत करते नजर आए। बातचीत के दौरान पुतिन ने कहा कि मौजूदा स्थिति आसान नहीं है और रूस अपने नजरिए से हालात की जानकारी देगा।
विटकॉफ ने मॉस्को और कीव पर तीन दिनों तक हमले रोकने पर सहमति के लिए पुतिन को धन्यवाद दिया। इसके बाद दोनों अमेरिकी दूत आगे की बातचीत के लिए कीव रवाना हुए।
पुतिन ने ट्रंप के प्रयासों की तारीफ की
पुतिन ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में इस तरह के संपर्क उपयोगी होते हैं। उन्होंने यूक्रेन में शांति स्थापित करने की कोशिशों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया।
पुतिन ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी दूतों के साथ काम करने में सहज महसूस करते हैं।
जेलेंस्की भी हमले रोकने के लिए तैयार
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी दूतों ने रूसी पक्ष के साथ बातचीत शुरू कर दी है। जेलेंस्की के मुताबिक, इसके बाद यूक्रेन भी उन शहरों पर हवाई हमले रोकने के लिए तैयार है, जहां शांति वार्ता से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच यह अस्थायी शांति और अमेरिकी दूतों की कीव यात्रा आने वाले दिनों में शांति वार्ता की दिशा के लिए अहम मानी जा रही है।

