अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। शनिवार (5 सितंबर 2026) को अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन कच्चा तेल ले जाने वाले टैंकरों पर हमला किया। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब अमेरिका ने दावा किया कि ईरान ने उसके दो युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।
ईरानी हमले के बाद अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
अमेरिका का कहना है कि उसकी नौसेना ने ईरान की मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया और किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा। इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के तेल टैंकरों को निशाना बनाया।
रक्षा मंत्री ने दी सख्त चेतावनी
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर ईरान अमेरिकी जहाजों पर हमला करेगा, तो अमेरिका उसके तेल टैंकरों को पूरी तरह तबाह कर देगा।
उन्होंने कहा कि ईरान का टैंकर बेड़ा सुरक्षित नहीं है और अमेरिकी नौसेना, लड़ाकू विमान और पनडुब्बियां किसी भी समय कार्रवाई कर सकती हैं।
किन टैंकरों पर हुआ हमला?
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, खार्ग द्वीप के पास M/T Downy, जास्क के पास M/T Stark 1 और ओमान की खाड़ी में मौजूद M/T Kylo (Noxen) को निशाना बनाया गया।
बताया गया कि M/T Kylo के चालक दल को पहले जहाज खाली करने का मौका दिया गया, जिसके बाद उसके महत्वपूर्ण हिस्सों पर हमला कर उसे दोबारा इस्तेमाल लायक नहीं छोड़ा गया।
इलाके में बढ़ा तनाव
इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ रही सैन्य गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और तेल आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

