कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, सचिन पायलट बने पंजाब प्रभारी; भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी

कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, सचिन पायलट बने पंजाब प्रभारी; भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी

कांग्रेस ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी महासचिव सचिन पायलट को भूपेश बघेल की जगह पंजाब का नया प्रभारी बनाया गया है। वहीं, भूपेश बघेल को असम का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया गया है।

भूपेश बघेल के कार्यकाल में पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह खत्म नहीं हो पाई थी। ऐसे में अब सचिन पायलट के सामने पार्टी को एकजुट करने की बड़ी चुनौती होगी। खासतौर पर यह देखना होगा कि पायलट के आने के बाद पंजाब कांग्रेस में चन्नी गुट की नाराजगी दूर होती है या नहीं।

सुरजेवाला को गुजरात की जिम्मेदारी

कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला को गुजरात का नया प्रभारी बनाया गया है। वह कर्नाटक के प्रभारी की जिम्मेदारी पहले की तरह संभालते रहेंगे।

कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, गुजरात का प्रभार हटने के बावजूद मुकुल वासनिक महासचिव पद पर बने रहेंगे।

सुखदेव भगत बने छत्तीसगढ़ प्रभारी

नई नियुक्तियों के तहत झारखंड से सांसद और आदिवासी नेता सुखदेव भगत को सचिन पायलट की जगह छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है।

इसके अलावा श्रीवेला प्रसाद को महाराष्ट्र और पीवी मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पीवी मोहन कर्नाटक के ओबीसी समाज से आते हैं और इससे पहले केरल में पार्टी के सह-प्रभारी थे। हाल ही में उन्हें विधान पार्षद बनाया गया था और अब संगठन में उन्हें नई जिम्मेदारी दी गई है।

वहीं, श्रीवेला प्रसाद दलित समाज से आते हैं। वह इससे पहले झारखंड के सह-प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

जितेंद्र सिंह को महासचिव पद से हटाया गया

असम के पूर्व प्रभारी जितेंद्र सिंह को महासचिव पद से हटा दिया गया है। उन्होंने साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद इस्तीफा दे दिया था।

वहीं, आंध्र प्रदेश के प्रभारी रहे मणिकम टैगोर को तमिलनाडु कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। महाराष्ट्र के प्रभारी रहे रमेश चेन्नीथला के केरल सरकार में मंत्री बनने के बाद इन पदों पर नई नियुक्तियों का इंतजार किया जा रहा था।

पंजाब में पायलट के सामने बड़ी चुनौती

कांग्रेस की इन नई नियुक्तियों में राहुल गांधी की सामाजिक न्याय की सोच और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की पसंद की झलक दिखाई देती है।

हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती सचिन पायलट के सामने पंजाब में होगी। अब देखना होगा कि वह पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी और नाराजगी को दूर कर पंजाब कांग्रेस को कितनी मजबूती से एकजुट कर पाते हैं।

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