MMDR कानून के विरोध में झामुमो का हल्लाबोल, 7 सितंबर को चिरागोड़ा में धरना

MMDR कानून के विरोध में झामुमो का हल्लाबोल, 7 सितंबर को चिरागोड़ा में धरना

धनबाद। घंसाडीह गोधर स्थित झामुमो नेता आनंद रवानी के आवासीय परिसर में शनिवार को MMDR कानून के विरोध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में झामुमो केंद्रीय सदस्य सह पैनलिस्ट डॉ. नीलम मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। बैठक की अध्यक्षता झामुमो नेता आकाश रवानी ने की।

बैठक में MMDR कानून को लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चर्चा की। इस दौरान आगामी कार्यक्रम को लेकर भी रणनीति पर विचार किया गया।

डॉ. नीलम मिश्रा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. नीलम मिश्रा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से MMDR जैसे कानून झारखंड की खनिज संपदा पर अधिकार स्थापित करने और उसे लूटने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि झारखंड के लोगों के हक और अधिकार को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रयास को झामुमो और राज्य की जनता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इस कानून के विरोध में पार्टी की ओर से आंदोलन जारी रखा जाएगा।

7 सितंबर को चिरागोड़ा में धरना-प्रदर्शन

डॉ. नीलम मिश्रा ने बताया कि 7 सितंबर 2026 को आंचल कार्यालय, चिरागोड़ा में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से MMDR कानून का विरोध किया जाएगा और केंद्र सरकार का ध्यान झारखंड के मुद्दों की ओर आकर्षित किया जाएगा।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।

आकाश रवानी ने भी केंद्र पर लगाए आरोप

बैठक की अध्यक्षता कर रहे झामुमो नेता आकाश रवानी ने कहा कि क्षेत्र की खनिज संपदा को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित गतिविधियों पर लोगों की नजर है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए क्षेत्र में अराजकता फैलाने और झारखंड की जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।

आकाश रवानी ने कहा कि झामुमो ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।

बैठक में सैकड़ों लोग रहे मौजूद

बैठक में झामुमो नेता सह 20 सूत्री सदस्य राजू प्रमाणिक, राहुल चौहान, सुधीर रजक, शमशेर आलम, अरुण चौधरी, पुनीत सिंह, राजू विश्वकर्मा, सुबोध सिंह, अजीत महतो, पिंटू यादव सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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