धनबाद। धनबाद थाना के मुख्य गेट के सामने मंगलवार को ऑटो और टोटो चालकों ने सड़क पर लेटकर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी। अचानक हुए प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और यातायात कुछ समय के लिए बाधित हो गया।
प्रदर्शन कर रहे चालकों ने ट्रैफिक पुलिस पर अनियमितता का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सभी आवश्यक कागजात उपलब्ध होने के बावजूद उनके वाहनों को जब्त किया जा रहा है।
वाहन जब्त करने का कारण नहीं बताने का आरोप

ऑटो और टोटो चालकों का आरोप है कि यातायात पुलिस वाहन जब्त करने के बाद उन्हें स्पष्ट रूप से यह जानकारी नहीं देती कि किस कागजात की कमी के कारण कार्रवाई की गई है।
चालकों ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में जुर्माने की प्रक्रिया अपनाने के बजाय वाहनों को जब्त कर लिया जाता है। उनका कहना है कि वाहन दो से तीन दिनों तक थाना परिसर में खड़े रहते हैं, जिससे उनके रोजमर्रा के रोजगार पर सीधा असर पड़ रहा है।
टोटो चालक अर्जुन दास ने रखी अपनी बात
टोटो चालक अर्जुन दास ने बताया कि उन्होंने करीब आठ महीने पहले वाहन खरीदा था और उनके अनुसार वाहन से संबंधित सभी आवश्यक कागजात मौजूद हैं। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस ने उनका वाहन जब्त कर लिया।
उन्होंने कहा कि यदि किसी कागजात या नियम को लेकर कोई त्रुटि है तो इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए और नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जानी चाहिए। वाहन को कई दिनों तक जब्त रखने से उनकी आय प्रभावित हो रही है और परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
ऑटो चालक बोले- रोजी-रोजगार पर पड़ रहा असर
ऑटो चालक बबलू कुमार साव ने आरोप लगाया कि वाहन से संबंधित समस्या को लेकर यातायात थाना जाने पर उन्हें बार-बार आने के लिए कहा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऑटो चालक प्रतिदिन कमाकर अपना परिवार चलाते हैं। ऐसे में वाहन जब्त होने और उसे छुड़ाने की प्रक्रिया लंबी होने से उनके रोजी-रोजगार पर संकट उत्पन्न हो रहा है।
चालकों ने कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आगे भी आंदोलन और सड़क जाम करने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
ट्रैफिक पुलिस पर कार्रवाई में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शनकारी चालकों ने मांग की कि वाहन जांच और जब्ती की कार्रवाई में पारदर्शिता बरती जाए। यदि किसी वाहन में कागजात या अन्य नियमों से जुड़ी कमी है तो चालक को स्पष्ट जानकारी दी जाए।
ऑटो और टोटो चालकों का कहना है कि वे यातायात नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन कार्रवाई के दौरान कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए। फिलहाल चालकों की ओर से लगाए गए आरोपों पर ट्रैफिक पुलिस का पक्ष सामने नहीं आया है।

