सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR रद्द कीं, सौरव दास बोले- यह युवाओं की ऐतिहासिक जीत

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR रद्द कीं, सौरव दास बोले- यह युवाओं की ऐतिहासिक जीत

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 1 सितंबर को सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द करने का फैसला सुनाया। कोर्ट के इस फैसले को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास ने युवाओं की बड़ी और ऐतिहासिक जीत बताया।

सौरव दास ने कहा कि 25 जुलाई को युवाओं के लिए एक बड़ी जीत हुई थी, जब धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्होंने जेपी नड्डा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग रखी थी।

सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप

सौरव दास के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से कुछ मांगों को लेकर आश्वासन दिया गया था। लेकिन अगस्त की शुरुआत में सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे बातचीत बंद कर दी।

उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्हें लगा कि सरकार अपने वादे से पीछे हट सकती है। इसी वजह से सीजेपी ने 24 अगस्त को घोषणा की थी कि 5 सितंबर को मार्च निकाला जाएगा।

कोर्ट के फैसले के बाद मार्च वापस

सौरव दास ने कहा कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द कर दी गई हैं। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक पल बताया।

उनके मुताबिक, सरकार ने कोर्ट में यह भी कहा है कि अगर कोई FIR गलती से छूट गई है तो उस पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।

हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से यह आशंका जताई गई है कि प्रदर्शन के दौरान करीब 2,800 संदिग्ध लोग मौजूद थे। इस मामले में अलग से FIR दर्ज किए जाने की संभावना भी बताई गई है।

90 दिनों में मुआवजा देने का दावा

सौरव दास ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 90 दिनों के अंदर मुआवजा देने की बात कही गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन युवाओं ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को भी मुआवजा दिया जाएगा।

उन्होंने अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर की मदद की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से युवाओं को न्याय मिला है। सौरव दास ने कहा कि उनका संगठन देश के युवाओं के साथ आगे भी खड़ा रहेगा।

5 सितंबर का मार्च फिलहाल रद्द

सौरव दास ने बताया कि 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च को फिलहाल वापस लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है, इसलिए अब मार्च करने की जरूरत नहीं है।

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