ईरान के साथ युद्ध के बीच अमेरिका में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी आर्मी सेक्रेटरी ड्रैन ड्रिस्कॉल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। व्हाइट हाउस ने सोमवार को उनके इस्तीफे की पुष्टि की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ड्रिस्कॉल का अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ के साथ कुछ समय से तनाव चल रहा था। इसी वजह से उनके इस्तीफे की बात सामने आई है।
ट्रंप प्रशासन ने की ड्रिस्कॉल की तारीफ
व्हाइट हाउस की प्रिंसिपल डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी एना केली ने ड्रिस्कॉल के इस्तीफे की खबर से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि ड्रिस्कॉल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका को मजबूत बनाने के एजेंडे को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने यह भी कहा कि ड्रिस्कॉल ने कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों के दौरान अच्छी लीडरशिप दी। उन्होंने अमेरिकी सेना की तैयारी और उसकी ताकत बढ़ाने पर भी जोर दिया।
रूस-यूक्रेन बातचीत में निभाई थी अहम भूमिका
ड्रिस्कॉल का सैन्य करियर काफी लंबा रहा है। वह 2007 में अमेरिकी सेना में अधिकारी बने थे। बाद में उन्होंने कैवेलरी प्लाटून की कमान संभाली और 2009 में कई महीनों तक इराक में तैनात रहे।
आर्मी सेक्रेटरी बनने के बाद वह सेना में नई तकनीकों, खासकर ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए चर्चा में रहे। इसी वजह से उन्हें ट्रंप प्रशासन में ड्रोन से जुड़े कामों के लिए भी जाना जाने लगा।
पिछले साल रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म कराने की कोशिशों में भी ड्रिस्कॉल ने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कई देशों की यात्राएं कीं और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से भी मुलाकात की थी।
कई बड़े सैन्य अधिकारियों ने छोड़ा पद
ड्रिस्कॉल ऐसे पहले बड़े सैन्य अधिकारी नहीं हैं जिन्होंने ट्रंप प्रशासन के दौरान अपना पद छोड़ा है। इससे पहले नेवी सेक्रेटरी जॉन फेलन ने भी अप्रैल में अचानक इस्तीफा दिया था।
इसके अलावा आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ रैंडी जॉर्ज, आर्मी जनरल डेविड होडने और मेजर जनरल विलियम ग्रीन समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के पद छोड़ने की खबरें सामने आ चुकी हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन की जिम्मेदारी संभालने के बाद पीट हेगसेथ ने कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को उनके पदों से हटाया है। इनमें नेवी के चीफ ऑफ नेवल ऑपरेशन्स और एयर फोर्स के वाइस-चीफ ऑफ स्टाफ जैसे बड़े पद भी शामिल हैं।

