धनबाद। UGC के नए नियम को लेकर उत्पन्न असंतोष और सामाजिक समरसता के मुद्दे पर राजपूत विचार मंच ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त, धनबाद के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। मंच ने नए नियम की समीक्षा करने और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की, जिससे समाज में भेदभाव या विभाजन की स्थिति पैदा न हो।
ज्ञापन के माध्यम से मंच ने सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा व्यवस्था को न्यायपूर्ण और पारदर्शी बनाए रखने की मांग की।
नए नियम की समीक्षा की मांग
राजपूत विचार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष डीएन सिंह ने कहा कि लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में समाज के विभिन्न वर्गों के बच्चे आपसी मैत्रीपूर्ण वातावरण में शिक्षा प्राप्त करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नए नियम को लेकर समाज के लोगों में आशंका है कि इसके दुरुपयोग से सामाजिक कटुता बढ़ सकती है। उनके अनुसार राष्ट्रहित और सामाजिक एकता सर्वोपरि है और भारतीय समाज को किसी भी परिस्थिति में विभाजित नहीं होना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था में समानता पर जोर
मंच के धनबाद जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में समानता, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता बनी रहनी चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करने और उचित पहल करने की मांग की।
ज्ञापन में न्यायपूर्ण व्यवस्था की मांग
राजपूत विचार मंच की ओर से दिए गए ज्ञापन में UGC के नए नियम पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है। मंच ने कहा कि किसी भी नियम को लागू करते समय सभी वर्गों के हितों और सामाजिक समरसता को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
मंच ने ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता जताई, जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर और पारदर्शिता बनी रहे।
कई पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान राजपूत विचार मंच के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। इनमें ददन सिंह, रणविजय सिंह, देवेंद्र सिंह, अखिलेश कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, उपेंद्र सिंह, उमेश सिंह, दिलीप सिंह, सवितेश के. सिंह (अधिवक्ता), पवन कुमार और सी.पी. सिंह सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
मंच ने ज्ञापन के माध्यम से UGC के नए नियम की समीक्षा और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

