एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने CJP के संस्थापक सदस्यों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को लेकर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा कि CJP के फाउंडर्स कोई संत नहीं हैं और उन्हें लगता है कि उनकी कुछ राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हो सकती हैं. हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि राजनीति में आने की इच्छा रखना कोई गलत बात नहीं है.
सोनम वांगचुक ने यह बात प्रखर गुप्ता के साथ एक पॉडकास्ट में कही. उन्होंने बताया कि उन्होंने CJP के संस्थापकों को करीब से देखा है और यह उनकी अपनी समझ है कि उनमें राजनीतिक महत्वाकांक्षा हो सकती है.
‘राजनीतिक महत्वाकांक्षा होना गलत नहीं’
वांगचुक ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति की राजनीति में आने की इच्छा है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा युवा राजनीति में आएं, राजनीतिक दलों से जुड़ें या जरूरत पड़ने पर अपनी पार्टी बनाएं.
उन्होंने कहा कि CJP के फाउंडर्स ने उन्हें खुद कभी यह नहीं बताया कि उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा है. यह उनके व्यवहार को देखकर वांगचुक का अपना आकलन है.
AAP से जुड़े होने पर भी बोले वांगचुक
सोनम वांगचुक ने बताया कि जब वह छात्र आंदोलन में शामिल हुए थे, तब कुछ लोगों ने उन्हें बताया था कि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके पहले आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े रहे हैं.
वांगचुक ने कहा कि इससे उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई, क्योंकि किसी व्यक्ति का पहले किसी राजनीतिक दल के साथ काम करना अपने आप में गलत नहीं है.
दो महीने तक प्रदर्शन में साथ काम किया
वांगचुक ने बताया कि उन्होंने अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ मिलकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर करीब दो महीने तक चले प्रदर्शन में काम किया था.
उन्होंने कहा कि इन लोगों की भविष्य में राजनीतिक महत्वाकांक्षा हो सकती है. लेकिन फिलहाल यह जरूरी है कि CJP के मंच का इस्तेमाल किसी राजनीतिक पार्टी के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए न किया जाए.
युवाओं के राजनीति में आने के पक्ष में वांगचुक
सोनम वांगचुक ने कहा कि वह चाहते हैं कि देश के ज्यादा युवा राजनीति में आएं. उनके मुताबिक, राजनीति में सक्रिय होना या राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखना अपने आप में गलत नहीं है.
उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल उन्हें खुशी है कि CJP के संस्थापक इस मंच को किसी राजनीतिक दल के एजेंडे के लिए इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं और इसी बात पर कायम हैं.

