धनबाद। धनबाद नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सिंदरी नगर निगम कार्यालय के समीप चल रहे नाली निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और स्वीकृत प्राक्कलन की अनदेखी पाए जाने पर नगर निगम के अधिकारियों ने करीब 100 फीट निर्मित नाली को तुड़वा दिया।
इसके बाद संबंधित संवेदक को निर्धारित मानकों के अनुसार नाली का नए सिरे से निर्माण करना पड़ा।
निरीक्षण में सामने आई निर्माण संबंधी खामियां
नगर निगम अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संवेदक प्रहलाद यादव द्वारा कराया जा रहा नाली निर्माण स्वीकृत प्राक्कलन और तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं था।
निर्माण की गुणवत्ता में खामियां मिलने के बाद अधिकारियों ने मौके पर ही कार्रवाई करने का निर्णय लिया। सहायक अभियंता सौरव प्रभात और कनीय अभियंता कार्तिक उपाध्याय की मौजूदगी में पहले से निर्मित नाली के करीब 100 फीट हिस्से को ध्वस्त कराया गया।
तय मानकों के अनुसार दोबारा बना 100 फीट नाला
कार्रवाई के बाद संबंधित एजेंसी को निर्धारित प्राक्कलन और तकनीकी मानकों के अनुरूप नाली का दोबारा निर्माण करना पड़ा। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि विकास योजनाओं में निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कनीय अभियंता कार्तिक उपाध्याय ने कहा कि जिला प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि विकास योजनाओं में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
लापरवाही पर सीधे कार्रवाई का संदेश
नगर निगम प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए निर्माण कार्यों से जुड़े संवेदकों को कड़ा संदेश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों या स्वीकृत प्राक्कलन का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विकास कार्यों की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर
नगर निगम क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। सिंदरी में नाली निर्माण के मामले में की गई कार्रवाई को इसी दिशा में प्रशासन के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रशासन ने संवेदकों से निर्धारित मानकों और प्राक्कलन के अनुरूप ही निर्माण कार्य कराने की अपील की है।

