पाकुड़। झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पाकुड़ परिसदन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान संताल परगना, खासकर पाकुड़ और साहिबगंज में मतदाता सूची के विशेष सत्यापन की मांग की। उन्होंने क्षेत्र की डेमोग्राफी में बदलाव का दावा करते हुए मतदाताओं के मूल निवास से जुड़े दस्तावेजों की जांच की आवश्यकता बताई।
खतियान और वंशावली के आधार पर जांच की मांग
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मतदाता सूची के सत्यापन के दौरान खतियान, वंशावली और अन्य संबंधित दस्तावेजों के आधार पर मतदाताओं के मूल निवास की जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने चुनाव आयोग और सरकार से इस संबंध में विशेष जांच कराने की मांग की, ताकि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की पहचान की जा सके।
सरकारी और गोचर जमीन को लेकर आरोप
मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकारी और गोचर जमीन पर बाहरी लोगों को बसाकर उनके दस्तावेज तैयार कराने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पाकुड़ और साहिबगंज सहित संताल परगना में मतदाता सूची के विशेष सत्यापन के जरिए स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
खनिज संशोधन विधेयक पर भी सरकार को घेरा
पत्रकारों से बातचीत के दौरान बाबूलाल मरांडी ने खनिज संशोधन विधेयक का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने राज्य सरकार पर इस विषय को लेकर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि खनिज संशोधन विधेयक को लेकर सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए।
भाजपा नेताओं की मौजूदगी
मौके पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक दिनेश विलियम मरांडी, भाजपा जिला अध्यक्ष सरिता मुर्मू और दुर्गा मरांडी मौजूद थीं। प्रेस वार्ता के दौरान बाबूलाल मरांडी ने मतदाता सूची के विशेष सत्यापन और क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।

