सरायकेला। राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के अवसर पर बालक मध्य विद्यालय के मैदान में शनिवार को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची के निर्देशानुसार राज्य के विद्यालयों में ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ की थीम पर तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
इसी क्रम में बालक मध्य विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न खेलों और गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विद्यालय के दिव्यांग बच्चों की विशेष भागीदारी भी सुनिश्चित की गई।
मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि देकर हुई शुरुआत

राष्ट्रीय खेल दिवस महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कंचन कुमारी सिन्हा ने मेजर ध्यानचंद के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इसके बाद विद्यालय परिसर में विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने खेल भावना और अनुशासन के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
बोरा रेस से कबड्डी तक कई प्रतियोगिताएं
खेल प्रतियोगिता के दौरान बोरा रेस, चम्मच रेस, कैरम बोर्ड और कबड्डी सहित कई खेलों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय के मैदान में बच्चों का उत्साह देखने को मिला। खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों को मनोरंजन के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी मिला।
दिव्यांग बच्चों की भी रही विशेष भागीदारी
कार्यक्रम में विद्यालय के दिव्यांग विद्यार्थियों की भागीदारी पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इससे खेल गतिविधियों में सभी विद्यार्थियों को शामिल करने का प्रयास किया गया।
विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतियोगिताओं के दौरान बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें खेलों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
खेलों से विकसित होती है टीम भावना
विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक विकास के साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने और उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने की दिशा में एक पहल रही।

