तेलंगाना एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ACB ने भूपालपल्ली माइंस के एडिशनल डायरेक्टर (AD) जयराज से जुड़े 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
यह कार्रवाई इस शक के आधार पर की गई कि जयराज के पास उनकी ज्ञात आय से ज्यादा संपत्ति हो सकती है।
12 जगहों पर एक साथ छापेमारी
ACB की टीमों ने गुरुवार सुबह हैदराबाद, सूर्यपेट और टंडूर समेत 12 जगहों पर छापेमारी शुरू की। इस कार्रवाई में ACB के अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग और पुलिस के कर्मचारी भी शामिल हैं।
अधिकारियों की टीमें जयराज के घरों और उनसे जुड़ी दूसरी संपत्तियों की जांच कर रही हैं।
बैंक लॉकर और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच
छापेमारी के दौरान ACB को मिले बैंक लॉकर, फिक्स्ड डिपॉजिट, इंश्योरेंस पॉलिसी और अन्य निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
इसके अलावा जयराज और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद खेती की जमीन और रिहायशी संपत्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
आय और संपत्ति का किया जाएगा मिलान
ACB जयराज की चल और अचल संपत्तियों का पूरा ब्योरा तैयार कर रहा है। इसमें बैंक बैलेंस, वाहन, जमीन और मकान जैसी संपत्तियां शामिल हैं।
इन संपत्तियों की तुलना जयराज की सरकारी नौकरी से मिलने वाली सैलरी और दूसरे वैध आय के स्रोतों से की जाएगी। इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि उनकी संपत्ति उनकी घोषित आय के मुकाबले कितनी है।
परिवार और सहयोगियों से भी पूछताछ
छापेमारी के दौरान मौजूद परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। ACB यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि संपत्तियां किसके नाम पर हैं और उन्हें खरीदने के लिए पैसा कहां से आया।
टीमों ने जब्त किए गए दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की भी सूची तैयार की है। इनकी आगे विस्तार से जांच की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई
ACB ने सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग जगहों पर कई टीमें तैनात की हैं। फिलहाल छापेमारी और जांच जारी है।
ऑपरेशन पूरा होने के बाद ACB एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा। जांच में अगर आय से अधिक संपत्ति की पुष्टि होती है, तो प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
