तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अमेरिका जाने की अनुमति नहीं मिलने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अमेरिका दौरे से रोकना तेलंगाना की करीब 4 करोड़ जनता का अपमान है।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी अमेरिका यात्रा का मकसद तेलंगाना में निवेश लाना और राज्य के विकास को बढ़ावा देना था। उन्होंने दावा किया कि उन्हें विदेश जाने से रोकना तेलंगाना के विकास में रुकावट डालने जैसा है।
पीएम मोदी से पूछा सवाल
रेवंत रेड्डी ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने अमेरिका जाने के उनके प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि अगर उनकी विदेश यात्रा में कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था, तो उन्हें इंग्लैंड जाने की अनुमति क्यों दी गई, लेकिन अमेरिका जाने से क्यों रोका गया?
उन्होंने कहा कि इस मामले को वह संसद में भी उठाएंगे।
गुजरात के मुख्यमंत्री की यात्रा का दिया उदाहरण
रेवंत रेड्डी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के अमेरिका दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र पटेल को 17 से 24 अगस्त 2026 तक अमेरिका और कनाडा जाने की अनुमति दी गई थी।
उनके मुताबिक, यह दौरा ‘वाइब्रेंट गुजरात 2047’ के तहत निवेश जुटाने के लिए था। वहीं, तेलंगाना के लिए ‘तेलंगाना राइजिंग 2047’ के तहत प्रस्तावित उनकी अमेरिका यात्रा को मंजूरी नहीं दी गई।
‘तेलंगाना में निवेश का स्वागत है’
रेवंत रेड्डी ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश से तेलंगाना में निवेश आता है तो उनकी सरकार उसका स्वागत करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों की सुरक्षा और उनके हितों का ध्यान रखेगी, ताकि तेलंगाना को इसका फायदा मिल सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका जाने की अनुमति नहीं दिए जाने के पीछे राजनीतिक वजह है और इससे केंद्र सरकार का तेलंगाना के प्रति कथित भेदभाव दिखाई देता है।

