पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता देने की प्रक्रिया तेज करने की बात कही गई है। राज्य सरकार के मुताबिक, CAA के तहत अब तक करीब 2.30 लाख लोगों ने नागरिकता के लिए आवेदन किया है। इनमें से 23,956 लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।
जल्द पूरी होगी आवेदनों की सुनवाई
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि CAA के तहत लंबित आवेदनों की सुनवाई जल्द पूरी की जाएगी और पात्र लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
उन्होंने कहा कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण बांग्लादेश से भारत आए हिंदू शरणार्थियों और खासकर मतुआ समुदाय के लोगों को जल्द नागरिकता प्रमाण पत्र देने की कोशिश की जा रही है।
इस महीने की शुरुआत में न्यू टाउन में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर 24 परगना जिले के मतुआ समुदाय के 300 लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र दिए गए थे।
छह महीने में लंबित आवेदन निपटाने का दावा
शुभेंदु अधिकारी ने पहले कहा था कि पश्चिम बंगाल में CAA के तहत लंबित सभी आवेदनों का निपटारा अगले छह महीने में करने की कोशिश की जाएगी।
उन्होंने कहा कि CAA का मकसद किसी की नागरिकता छीनना नहीं, बल्कि पात्र लोगों को भारतीय नागरिकता देना है।
नदिया में सबसे ज्यादा प्रमाण पत्र
CAA के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के पात्र लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है। इसके लिए 31 दिसंबर 2014 या उससे पहले भारत आने की शर्त है।
अब तक जारी प्रमाण पत्रों में नदिया जिले में सबसे ज्यादा 10,191 प्रमाण पत्र दिए गए हैं। वहीं, उत्तर 24 परगना में 8,930 प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई
शुभेंदु अधिकारी ने यह भी बताया कि राज्यपाल आर.एन. रवि ने ‘पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधि नियंत्रण विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी है।
इस कानून के तहत पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से नुकसान की भरपाई कराने का प्रावधान है। सरकार की ओर से इस संबंध में 24 अगस्त 2026 को आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

