मॉस्को पहुंचे जयशंकर, राष्ट्रपति पुतिन से की मुलाकात; पीएम मोदी का संदेश सौंपा

मॉस्को पहुंचे जयशंकर, राष्ट्रपति पुतिन से की मुलाकात; पीएम मोदी का संदेश सौंपा

ब्रिक्स से जुड़े कार्यक्रमों से पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर रूस के दौरे पर हैं। सोमवार को मॉस्को में उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की।

मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निजी संदेश राष्ट्रपति पुतिन को सौंपा। दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस संबंधों और कई अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।

भारत-रूस सहयोग पर हुई चर्चा

जयशंकर ने बताया कि उन्होंने पुतिन को 27वीं भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) की बैठक में हुई बातचीत और दोनों देशों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि भारत रूस के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने में राष्ट्रपति पुतिन के मार्गदर्शन को काफी महत्व देता है।

दो दिवसीय दौरे पर रूस पहुंचे जयशंकर

जयशंकर रविवार को दो दिवसीय रूस यात्रा के लिए मॉस्को पहुंचे थे। उनकी यह यात्रा आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले हो रही है।

भारत और रूस के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में जयशंकर की पुतिन से मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रूसी उप-प्रधानमंत्री से भी हुई मुलाकात

पुतिन से मिलने से पहले जयशंकर ने रूस के उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

जयशंकर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद भारत और रूस के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच आपसी भरोसे और सहयोग को रिश्तों की बड़ी ताकत बताया।

सर्गेई लावरोव से भी होगी मुलाकात

रूस दौरे के दौरान जयशंकर अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।

इससे पहले जयशंकर और लावरोव की जुलाई में मनीला में मुलाकात हुई थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की थी।

जयशंकर ने उस बैठक में पश्चिम एशिया में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंता भी जाहिर की थी।

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