आरक्षण पर चिराग पासवान का बड़ा बयान, बोले- यह खैरात नहीं संवैधानिक अधिकार है

आरक्षण पर चिराग पासवान का बड़ा बयान, बोले- यह खैरात नहीं संवैधानिक अधिकार है

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर आंदोलन के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने अपना पुराना रुख फिर साफ किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर करीब 6 साल पुराना संसद का वीडियो शेयर किया है।

चिराग पासवान ने कहा कि उन्होंने 10 फरवरी 2020 को संसद में भी स्पष्ट किया था कि आरक्षण किसी को दी गई खैरात नहीं है, बल्कि यह संविधान से मिला अधिकार है।

आरक्षण की समीक्षा भी मंजूर नहीं

चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी का आरक्षण को लेकर रुख बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि पार्टी आरक्षण खत्म करने की मांग तो दूर, इसकी समीक्षा किए जाने का भी समर्थन नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय और संविधान में दिए गए अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

जंतर-मंतर पर आरक्षण को लेकर आंदोलन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू हुआ है। इसी बीच चिराग पासवान का यह बयान सामने आया है।

पुराना संसद भाषण शेयर करते हुए उन्होंने एक बार फिर आरक्षण को लेकर अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट की है। माना जा रहा है कि आंदोलन के बीच उनका यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।

चिराग पासवान ने क्या कहा?

चिराग पासवान ने अपने पोस्ट में कहा कि आरक्षण “किसी को दी हुई खैरात नहीं, बल्कि एक संवैधानिक अधिकार” है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी आरक्षण को समाप्त करने के किसी भी प्रयास का समर्थन नहीं करती. उन्होंने सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा को अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया.

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *