धनबाद। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) धनबाद जिला समिति ने छात्र आंदोलन और एमएमडीआर विधेयक को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। शनिवार को धनबाद परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में झामुमो नेताओं ने भाजपा से छात्र हित के नाम पर राजनीति बंद करने और झारखंड के खनिज संपदा एवं राज्य के अधिकारों से जुड़े एमएमडीआर विधेयक पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
प्रेस वार्ता में जिला सचिव मन्नू आलम, केंद्रीय मीडिया पैनलिस्ट डॉ. नीलम मिश्रा, पूर्व मेयर चंद्र शेखर अग्रवाल, जिला प्रवक्ता समीर रवानी और महानगर अध्यक्ष मंटू चौहान मौजूद रहे।
छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप
जिला सचिव मन्नू आलम ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास झारखंड की जनता के बीच जाने के लिए कोई ठोस जनमुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्र-युवाओं की वास्तविक चिंताओं को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है।
मन्नू आलम ने कहा कि छात्र-छात्राओं की मांगों को लेकर राज्य सरकार ने गंभीरता से पहल की है और आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। वर्तमान में मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय ने सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार न्यायालय के समक्ष मजबूती से अपना पक्ष रखेगी और छात्रों को धैर्य रखना चाहिए। भाजपा से सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि यदि उसे वास्तव में छात्रों के भविष्य की चिंता है तो वह न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा क्यों नहीं करती।
एमएमडीआर विधेयक पर भाजपा से मांगा जवाब
झामुमो नेताओं ने एमएमडीआर विधेयक को झारखंड की खनिज संपदा, राजस्व और राज्य के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। उन्होंने भाजपा से इस मुद्दे पर जनता के सामने अपना स्पष्ट रुख रखने की मांग की।
केंद्रीय मीडिया पैनलिस्ट डॉ. नीलम मिश्रा ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार छात्रों को आंदोलित करने और भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर अधिकार राज्य की बड़ी लड़ाई है। एमएमडीआर विधेयक जैसे विषय पर भाजपा की चुप्पी को लेकर उन्होंने सवाल उठाए।
भाजपा से पिछले शासन का हिसाब मांगने का दावा
पूर्व मेयर चंद्र शेखर अग्रवाल ने कहा कि धनबाद की जनता ने कोयला और खनिज संपदा से जुड़े अधिकारों के सवाल को लंबे समय से देखा है। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य की जनता के अधिकार और भविष्य से जुड़ी है।
उन्होंने भाजपा से उसके 18 वर्षों के शासनकाल के दौरान जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं के आयोजन का हिसाब देने की मांग की। उन्होंने पहली और दूसरी जेपीएससी को लेकर भी भाजपा पर सवाल उठाए।
चंद्र शेखर अग्रवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा कोचिंग संस्थानों से जुड़े हितों के साथ मिलकर छात्रों का इस्तेमाल करना चाहती है। उन्होंने झारखंड से भाजपा के नौ सांसदों से भी राज्य के विकास के मुद्दों को पार्टी हित से ऊपर रखने की अपील की।
छात्र-युवा और राज्य के अधिकारों पर समझौता नहीं: झामुमो
झामुमो नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि भाजपा को छात्र हित के नाम पर राजनीति बंद करनी चाहिए और एमएमडीआर विधेयक से झारखंड के हितों एवं अधिकारों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
पार्टी ने कहा कि छात्र-युवा, शिक्षा, रोजगार और झारखंड के जल-जंगल-जमीन-खनिज पर अधिकार से जुड़े सवालों पर वह किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी। झामुमो नेताओं ने कहा कि जनता राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय वास्तविक मुद्दों पर जवाब चाहती है।

