श्रमिक कार्ड बनवाना हो, बुजुर्ग पेंशन के लिए आवेदन करना हो या जमीन की रजिस्ट्री करानी हो, अब लोगों को अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दिल्ली सरकार हर जिले में मिनी सचिवालय बनाने जा रही है।
पहला मिनी सचिवालय द्वारका में
पहला मिनी सचिवालय द्वारका सेक्टर-10 में बनाया जाएगा। इसके लिए कंसलटेंट नियुक्त किया जा चुका है। सरकार ने इसके लिए 212 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसे अब 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एक छत के नीचे होंगे कई विभाग
मिनी सचिवालय में पुलिस को छोड़कर MCD, समाज कल्याण विभाग, PWD, श्रम विभाग, जल बोर्ड और RTO समेत कई विभागों के कार्यालय होंगे।
यहां हेल्पडेस्क, वेटिंग रूम, डिजिटल सुविधाएं और शिकायत कियोस्क होंगे। सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए लोग एक ही जगह आवेदन कर सकेंगे।
ग्रीन बिल्डिंग के रूप में होगा तैयार
मिनी सचिवालय को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा। इसमें सोलर पावर, STP, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और मिस्ट स्प्रिंकलर जैसी सुविधाएं होंगी। सरकार का मकसद लोगों को एक ही जगह पर कई सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना और प्रशासनिक काम को आसान बनाना है।
18 महीने लगेगे
इस परियोजना को पूरा होने में 18 महीने लगेंगे। हेल्पडेस्क पर कर्मी तैनात होंगे, जो आवेदन और प्रक्रिया को लेकर मदद भी करेंगे। यह मिनी सचिवालय 35 हजार 535 वर्गमीटर से बड़े क्षेत्रफल में बनेगा, जिसमें 13,136.7 वर्गमीटर के प्लॉट पर परिसर विकसित किया जाएगा।
परियोजना के डिजाइन और आर्किटेक्चर के लिए पीडब्ल्यूडी कंसलटेंट नियुक्त कर लिया गया है। कंसलटेंट भवन के आर्किटेक्चर, स्ट्रक्चर और विभिन्न सेवाओं की इंजीनियरिंग के साथ जरूरी अनुमतियों की प्रक्रिया भी देखेगा।
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी
- सरकार के सभी विभागो के जिला कार्यालय एक ही जगह मौजूद होंगे।
- मिनी सचिवालय में हेल्पडेस्क बनाया जाएगा, जहां कर्मचारी तैनात होंगे।
- आवेदको की सुविधा के लिए यहां एक AC वेटिंग रूम बनाया जाएगा।
- सचिवालय में पुस्तकालय और सूचना के लिए कियोस्क भी लगाए जाएंगे।
- ग्रीन बिल्डिंग के तहत अपनी जरूरत की बिजली सोलर प्लांट से खुद बनाई जाएगी।

