दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 24 घंटे में 114 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 1,777 हो गई है। पिछले साल कुल 229 मामले सामने आए थे।
डॉक्टरों के मुताबिक, मौसम में बदलाव, बंद जगहों पर भीड़ और एसी के ज्यादा इस्तेमाल से इन्फ्लुएंजा का संक्रमण तेजी से फैल सकता है। पहले स्वाइन फ्लू के मामले सर्दियों में ज्यादा देखने को मिलते थे, लेकिन अब दूसरे मौसम में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं।
हर उम्र के लोग हो रहे संक्रमित
इस बार स्वाइन फ्लू बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को अपनी चपेट में ले रहा है। आम लोगों के साथ कुछ अस्पतालों के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी भी संक्रमित हुए हैं।
3-4 दिन बुखार रहे तो कराएं जांच
डॉक्टरों के मुताबिक, अभी बुखार के कई मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो रही है। अगर किसी व्यक्ति को 3-4 दिनों तक लगातार बुखार रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करानी चाहिए। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर मरीज ठीक भी हो रहे हैं।
इन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में स्वाइन फ्लू ज्यादा गंभीर हो सकता है। खासतौर पर फेफड़े या दिल की बीमारी, किडनी या लिवर की समस्या, डायबिटीज, कैंसर, ट्रांसप्लांट और स्टेरॉयड लेने वाले मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
कुछ मामलों में यह संक्रमण निमोनिया का कारण भी बन सकता है और गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन या ICU की जरूरत पड़ सकती है।
बचाव के लिए क्या करें?
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए हाथों की सफाई, मास्क का इस्तेमाल और संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखना जरूरी है। बंद जगहों में हवा का सही वेंटिलेशन भी संक्रमण का खतरा कम करने में मदद कर सकता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध समाचार और डॉक्टरों की राय पर आधारित है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लें।

