12वें वेतन समझौते को लेकर BMS का आंदोलन, मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

12वें वेतन समझौते को लेकर BMS का आंदोलन, मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

धनबाद: कोयला मजदूरों के 12वें वेतन समझौते (NCWA-12) को लागू कराने की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने आंदोलन की रणनीति तेज कर दी है। इसी क्रम में अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के बैनर तले धनबाद के कोयला नगर स्थित जुबली हॉल में सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में कोयला मजदूरों के वेतन समझौते और संगठन की आगामी रणनीति को लेकर चर्चा हुई।

12वें वेतन समझौते को लागू कराने पर जोर

सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के उपाध्यक्ष अंगद उपाध्याय ने कहा कि संगठन कोयला मजदूरों के अधिकारों और 12वें वेतन समझौते को लागू कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मजदूरों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर संगठन लगातार आवाज उठाता रहेगा।

उन्होंने बताया कि 17 से 23 तारीख तक देशभर में BMS की ओर से कन्वेंशन और जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के जरिए कोयला मजदूरों को एकजुट करने और वेतन समझौते से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

कोयला मजदूरों की एकजुटता पर दिया जोर

अंगद उपाध्याय ने कहा कि कोल इंडिया में स्थायी कर्मचारियों की संख्या घटकर करीब दो लाख रह गई है, लेकिन मजदूरों का हौसला और संगठन की ताकत अब भी मजबूत है। उन्होंने कोयला श्रमिकों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्ष श्रमिकों ने 856 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर इतिहास रचा।

उन्होंने कहा कि मजदूरों की मेहनत से कोयला उद्योग लगातार आगे बढ़ रहा है। ऐसे में कर्मचारियों के वेतन और अधिकारों से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाना जरूरी है।

मांग पूरी नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन

BMS नेता ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार और कोल इंडिया प्रबंधन की ओर से 12वें वेतन समझौते को लागू करने में आनाकानी की जाती है, तो भारतीय मजदूर संघ आंदोलन को और तेज करेगा।

उन्होंने कहा कि संगठन जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरकर चरणबद्ध और उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि BMS राष्ट्र हित, उद्योग हित और मजदूर हित के सिद्धांतों के आधार पर काम करता है।

मजदूरों के मुद्दे पर आंदोलन की तैयारी

सम्मेलन के जरिए संगठन ने साफ संकेत दिया कि NCWA-12 को लेकर आने वाले दिनों में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जा सकता है। जनजागरण अभियान के माध्यम से मजदूरों को जोड़ने के बाद संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।

फिलहाल 12वें वेतन समझौते को लेकर BMS के तेवर सख्त हैं और संगठन ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

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