धनबाद। साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए धनबाद पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में धनबाद लॉ कॉलेज में विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ साइबर क्राइम रोकथाम को लेकर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धनबाद के सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, धनबाद थाना प्रभारी मनोज पांडे सहित कॉलेज के विद्यार्थी और शिक्षक मौजूद रहे।
विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव की जानकारी
कार्यशाला के दौरान सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि के प्रति सावधानी बरतने की अपील की।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता साइबर ठगी से बचने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
जागरूकता का संदेश दूसरों तक पहुंचाने की अपील
सिटी एसपी ने विद्यार्थियों से कहा कि वे कार्यशाला में मिली जानकारी को अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि केवल स्वयं साइबर अपराध से सुरक्षित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अधिक से अधिक लोगों को इसके प्रति जागरूक करना भी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि धनबाद जिले के स्कूलों और कॉलेजों में कार्यशालाओं के माध्यम से लगातार साइबर सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है।
साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें, दी गई जानकारी
कार्यशाला में विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है तो उसके बाद तत्काल क्या कदम उठाने चाहिए। समय पर शिकायत और आवश्यक कार्रवाई करने से ठगी गई रकम की रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है।
विद्यार्थियों ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उन्हें साइबर अपराध की रोकथाम से जुड़े कई महत्वपूर्ण टिप्स मिले। साथ ही साइबर ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित को किन कदमों को उठाना चाहिए, इसकी भी जानकारी दी गई।
स्कूल-कॉलेजों में जारी रहेगा साइबर जागरूकता अभियान
धनबाद पुलिस की ओर से साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ उन्हें जागरूकता अभियान का हिस्सा बनाना है, ताकि साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

