धनबाद: केंदुआ के मछली पट्टी और करकेन्द के पासी धोड़ा इलाके में पिछले कई दिनों से जारी जल संकट को दूर करने के लिए धनबाद विधायक राज सिन्हा ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में तत्काल जलापूर्ति बहाल करने के साथ समस्या के दीर्घकालिक समाधान पर भी चर्चा की गई।
बैठक में विभागीय सचिव, माडा के वरिष्ठ अभियंता और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्र में कम पानी के दबाव और जलापूर्ति बाधित होने की शिकायतों को देखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
नया मोटर लगाया गया, जल्द सुधरेगा पानी का दबाव
विधायक राज सिन्हा के अनुसार, स्थानीय लोगों को तत्काल राहत देने के लिए नया मोटर स्थापित कर दिया गया है। इसे मंगलवार से चालू करने की बात कही गई है। इससे क्षेत्र में पानी के दबाव में सुधार की उम्मीद है।
विधायक ने बताया कि केंदुआ में भू-धंसान के कारण क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइन की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है। अतिरिक्त मजदूर और जरूरी संसाधन लगाकर पाइपलाइन को दुरुस्त करने का काम तेज किया जा रहा है।
बिजली समस्या के समाधान के लिए ट्रांसफार्मर चालू करने का निर्देश
जलापूर्ति में बिजली से जुड़ी बाधा को दूर करने के लिए क्षेत्र में लगाए गए नए ट्रांसफार्मर को भी जल्द चालू करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन और संबंधित विभागों का प्रयास है कि मोटर, पाइपलाइन और बिजली से जुड़ी समस्याओं को दूर कर क्षेत्र में जलापूर्ति सामान्य की जा सके।
100 MLD अधिशेष पानी को माडा नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी
जल संकट के स्थायी समाधान को लेकर बैठक में L&T के 147 MLD क्षमता वाले नए जल संयंत्र से उपलब्ध करीब 100 MLD अधिशेष पानी को माडा नेटवर्क से जोड़ने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
विधायक राज सिन्हा के अनुसार, यदि इस पानी को नगर निगम और कोलियरी क्षेत्र के नेटवर्क से सफलतापूर्वक जोड़ा जाता है, तो धनबाद शहर को प्रतिदिन करीब 80 से 90 MLD अतिरिक्त पानी मिल सकता है।
इस प्रस्ताव पर जिला प्रशासन, नगर विकास विभाग और PHED अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखने की बात कही गई है।
लंबित जलापूर्ति योजनाओं को लेकर जताई नाराजगी
समीक्षा बैठक के दौरान विधायक राज सिन्हा ने वर्ष 2022 तक पूरी होने वाली शहरी जलापूर्ति योजनाओं के 2026 तक लंबित रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यदायी एजेंसियों L&T और श्रीराम ईपीसी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
विधायक ने कहा कि लंबी टेंडर प्रक्रिया में समय गंवाने के बजाय फिलहाल उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर जलापूर्ति बहाल करना प्राथमिकता है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि नया मोटर चालू होने के बाद अगले एक-दो दिनों में केंदुआ-करकेन्द क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है।

