रांची: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 14 अगस्त 2026 को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने का आग्रह किया है। उन्होंने छात्रों की शेष मांगों और चिंताओं के समाधान के लिए उचित कदम उठाने की अपील की है।
राहुल गांधी का यह पत्र छात्र आंदोलन के बीच सामने आया है। पत्र में उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्रों का विरोध शांतिपूर्ण रहा है और उनकी मांगें जायज हैं।
शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का किया समर्थन
राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान में निहित शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लोकतंत्र के मुख्य स्तंभों में से एक मानती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं के खिलाफ पिछले कुछ महीनों से आंदोलन कर रहे छात्रों को कांग्रेस ने अपना समर्थन दिया है।
पत्र में राहुल गांधी ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को लेकर आरएसएस और भाजपा पर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि भारतीय शिक्षा प्रणाली पर आरएसएस और भाजपा का कब्जा हो गया है तथा इसे छात्रों के शोषण और उत्पीड़न के उपकरण में बदल दिया गया है।
झारखंड के छात्र आंदोलन का किया जिक्र
राहुल गांधी ने कहा कि झारखंड में भी छात्र राज्य की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण बताते हुए छात्रों की मांगों को जायज बताया।
उन्होंने झारखंड सरकार की ओर से छात्रों के साथ बातचीत शुरू किए जाने का भी उल्लेख किया। राहुल गांधी के अनुसार, मुख्यमंत्री द्वारा गठित समिति के माध्यम से छात्रों के साथ संवाद शुरू हुआ है और छात्रों की कई मांगों पर सहमति भी बनी है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि आंदोलन अभी जारी है और कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
मुख्यमंत्री से छात्रों से व्यक्तिगत मुलाकात का आग्रह
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मिलने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की छात्रों से सीधी बातचीत से उनके शेष मुद्दों के समाधान को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री से छात्रों की बात सुनने और इस पूरे मामले के समाधान के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया।
राहुल गांधी ने युवाओं को बताया देश का भविष्य
पत्र के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि भारत का युवा देश का भविष्य है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में युवाओं के प्रति एकजुटता और समर्थन जरूरी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी कोशिश करने की अपील की।


