म्यांमार में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई। इतनी तीव्रता का भूकंप आमतौर पर हल्का माना जाता है। फिलहाल भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है। म्यांमार में पिछले कुछ समय से भी हल्के भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं।
म्यांमार में क्यों आते हैं भूकंप?
म्यांमार भूकंपीय गतिविधियों वाले क्षेत्र में आता है। यहां भूकंप आने की मुख्य वजह टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल है।
भारतीय प्लेट लगातार उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ रही है और यूरेशियन प्लेट की ओर खिसक रही है। इन प्लेटों की हलचल से जमीन के अंदर दबाव बनता है। जब यह दबाव अचानक बाहर निकलता है तो भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
मार्च 2025 में भी म्यांमार में 7.7 तीव्रता का बड़ा भूकंप आया था, जिससे भारी तबाही हुई थी।
इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता के भूकंप से तबाही
वहीं, इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसके कारण कई इमारतें गिर गईं और कई जगह भूस्खलन हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे में कम से कम 38 लोगों की मौत हुई है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है।
भूकंप के बाद अधिकारियों ने सुनामी की चेतावनी भी जारी की थी। हालांकि, समुद्र के स्तर में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने के बाद चेतावनी हटा ली गई। भूकंप से फ्लोरेस के कई इलाकों में घरों और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद और मलबा हटाने का काम कर रहे हैं।

