कांग्रेस मुख्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तिरंगा फहराया। इस कार्यक्रम में सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी मौजूद थे। इसी दौरान ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
‘वंदे मातरम’ को पूरा गाने से रोकने का इशारा किया
एक वीडियो सामने आने के बाद दावा किया गया कि सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाने से रोकने का इशारा किया। वीडियो में सोनिया गांधी कुछ इशारा करती हुई दिखाई दे रही हैं। उनके पास मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी भी नजर आए।
इस मामले पर बीजेपी ने कांग्रेस पर तंज कसा। हालांकि, कांग्रेस ने इन दावों को खारिज कर दिया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि इंदिरा भवन में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया गया और इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई।
जयराम रमेश ने बताया कि सोनिया गांधी जिस समय इशारा कर रही थीं, वह खरगे के लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं, क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष काफी देर से खड़े थे।
‘वंदे मातरम’ के इस बार छह छंद गाए गए
कांग्रेस नेता शकील अहमद ने भी कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों में पहले से ‘वंदे मातरम’ के दो छंद गाए जाते रहे हैं। इस बार छह छंद गाए गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का ‘वंदे मातरम’ से पुराना संबंध रहा है और स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ही पार्टी के कार्यक्रमों में यह गीत गाया जाता रहा है।
वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया गया
वहीं, इस बार लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्वजारोहण से पहले ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया गया।
‘वंदे मातरम’ को लेकर अगस्त 2026 में लागू हुए नए कानून को लेकर भी चर्चा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) अधिनियम, 2026 लागू हुआ है।
इसके तहत ‘वंदे मातरम’ को ‘जन गण मन’ की तरह कानूनी संरक्षण देने की बात कही गई है। जानबूझकर इसके गायन में बाधा डालना या इसका अपमान करना दंडनीय माना गया है।

