नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस की आधी रात केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती कर दी है। सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी में 3.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। इसके साथ ही डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी टैक्स कम किया गया है।
पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी हुई जीरो
सरकार के नए आदेश के मुताबिक, डीजल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी 25.50 रुपये से घटाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, पेट्रोल पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी 3.50 रुपये से घटाकर जीरो कर दी गई है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF पर भी टैक्स कम किया गया है। पहले ATF पर 22 रुपये प्रति लीटर टैक्स था, जिसे घटाकर 19.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
क्यों लगाया गया था विंडफॉल टैक्स?
सरकार ने सबसे पहले जुलाई 2022 में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण तेल कंपनियों को होने वाले अतिरिक्त मुनाफे पर विंडफॉल टैक्स लगाया था। करीब दो साल बाद इसे हटा दिया गया था।
इस साल मार्च में ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने के बाद सरकार ने इसे फिर से लागू किया था।
अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सरकार ने एक्सपोर्ट ड्यूटी में यह कटौती की है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बताई जा रही है।
हर दो हफ्ते में होती है समीक्षा
भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को देखते हुए हर दो हफ्ते में एक्सपोर्ट लेवी की समीक्षा करती है। इसके आधार पर अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन में बदलाव के अनुसार टैक्स में बदलाव किया जाता है।
क्या पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा?
बता दें कि विंडफॉल टैक्स घटने का मतलब यह नहीं है कि आम लोगों के लिए पेट्रोल और डीजल सस्ता हो जाएगा। यह टैक्स मुख्य रूप से तेल निकालने और विदेशों में पेट्रोलियम उत्पाद बेचने वाली बड़ी कंपनियों के अतिरिक्त मुनाफे पर लगाया जाता है। इसलिए इसमें कटौती का पेट्रोल पंप पर मिलने वाले पेट्रोल-डीजल की कीमत पर सीधा असर नहीं पड़ता।

