नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने नक्सलवाद और माओवादी हिंसा का भी जिक्र किया और सरकार का रुख साफ किया।
पीएम मोदी ने कहा कि हथियार उठाने वाले नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। हालांकि, उन्होंने कहा कि नक्सली विचारधारा और हिंसा को बढ़ावा देने वाली सोच से भी सतर्क रहने की जरूरत है।
नक्सलवाद से देश को लंबे समय तक नुकसान
प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद और माओवादी हिंसा ने कई दशकों तक देश के लोगों और युवाओं को प्रभावित किया। बड़ी संख्या में लोग इस हिंसा की वजह से परेशान रहे।
उन्होंने कहा कि अब देश इस चुनौती से बाहर निकल रहा है और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
हिंसक नक्सलवाद कमजोर हुआ- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि जंगलों में हथियार लेकर हिंसा करने वाले नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों के अभियान में बड़ी सफलता मिली है।
हालांकि उन्होंने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि हिंसक नक्सलवाद कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन ऐसी विचारधारा को फैलाने वालों को पहचानना जरूरी है। उन्होंने देशवासियों से इस चुनौती को हल्के में नहीं लेने और सतर्क रहने की अपील की।
नशा मुक्त भारत का भी दिया संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में नशा मुक्त भारत का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश को नशे से मुक्त करने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा केवल हिंसा और आतंक से लड़ने तक सीमित नहीं है। युवाओं को नशे और हिंसा से दूर रखना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है।
13वीं बार लाल किले से संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया। उन्होंने पहली बार 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद लाल किले से देश को संबोधित किया था।

