धनबाद: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत धनबाद सदर अस्पताल में 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर की शुरुआत हुई। जिला प्रशासन के सौजन्य से आयोजित इस अभियान के पहले दिन विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 110 बच्चों का निःशुल्क दंत उपचार और स्वास्थ्य परामर्श किया।
110 बच्चों को मिली दंत चिकित्सा सुविधा
विशेष दंत चिकित्सा शिविर में पहले दिन बच्चों को विभिन्न प्रकार की उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इनमें 37 बच्चों के दांतों में फिलिंग की गई, जबकि 35 बच्चों का एक्सट्रैक्शन यानी दांत निकालने का उपचार किया गया।
इसके अलावा 12 बच्चों को रूट कैनाल थेरेपी (RCT), 12 बच्चों को ओरल हेल्थ एजुकेशन एवं काउंसलिंग, 9 बच्चों को स्केलिंग तथा 5 बच्चों को फ्लोराइड वार्निश की सुविधा दी गई।
उपचार के बाद शिविर में पहुंचे सभी बच्चों के बीच ओरल हेल्थ किट का वितरण भी किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को नियमित रूप से मौखिक स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जागरूक करना है।
कई गंभीर बीमारियों के लिए निःशुल्क इलाज
11 अगस्त से शुरू हुए इस विशेष स्वास्थ्य अभियान के तहत बच्चों को दंत चिकित्सा के अलावा कई अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी मिलेगा। सदर अस्पताल में क्लब फुट, ऑर्थोपेडिक समस्याओं, त्वचा रोग, बाल रोग, स्त्री एवं प्रसूति संबंधी समस्याओं, नेत्र रोग, कान-नाक-गला (ENT) तथा न्यूरोसर्जरी से संबंधित विशेषज्ञ परामर्श, जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
अभियान के माध्यम से जन्मजात हृदय रोग (CHD), डाउन सिंड्रोम, विकास संबंधी विकार, सुनने और देखने की समस्या, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट तथा एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान करने का भी लक्ष्य रखा गया है।
24 अगस्त को कटे होंठ-तालु का विशेष शिविर
अभियान के तहत आगामी 24 अगस्त 2026 को कटे होंठ एवं तालु (Cleft Lip & Palate) से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें बच्चों की जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस जनकल्याणकारी स्वास्थ्य अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और ऐसे बच्चों को सदर अस्पताल लेकर आएं, जिन्हें विशेषज्ञ जांच या उपचार की आवश्यकता है।
बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष जोर
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आयोजित इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराकर बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।


