रांची: जेपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों के विधानसभा घेराव के बाद रांची प्रशासन ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि आंदोलन के दौरान अधिकांश छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे। हालांकि, कुछ शरारती और असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश किए जाने का दावा प्रशासन ने किया।
अधिकारियों के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जरूरत के अनुसार न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया।
अधिकांश छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से किया प्रदर्शन
डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि झारखंड के छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे और प्रशासन ने भी पूरे आंदोलन के दौरान संयम बनाए रखा।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने और माहौल तनावपूर्ण बनाने की कोशिश की गई। ऐसी परिस्थितियों में जहां आवश्यकता महसूस हुई, वहां पुलिस ने न्यूनतम बल का प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया।
डीसी ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के साथ कानून-व्यवस्था कायम रखना रही।
बंद के दौरान उपद्रव पर होगी कार्रवाई
मंगलवार को प्रस्तावित झारखंड बंद को लेकर भी प्रशासन ने अपना रुख स्पष्ट किया। डीसी ने कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बंद के दौरान शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे में न आएं।
दूसरे जिलों से आए छात्रों की वापसी में मदद
डीसी ने बताया कि आंदोलन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में छात्र दूसरे जिलों से रांची पहुंचे थे। यदि किसी छात्र को आंदोलन के बाद अपने घर लौटने में परेशानी हो रही है, तो प्रशासन उसकी मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर बाहर से आए छात्रों को उनके घर तक वापस पहुंचाने में हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
स्कूलों के संचालन का फैसला प्रबंधन पर
मंगलवार के बंद को देखते हुए स्कूलों के संचालन को लेकर भी डीसी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए स्कूल संचालित करने या बंद रखने का निर्णय संबंधित स्कूल प्रबंधन लेगा।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और स्कूल प्रबंधन को इसी आधार पर निर्णय लेना होगा।
एसएसपी का दावा- पुलिस ने बेहद कम बल का इस्तेमाल किया
एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस ने बेहद कम बल का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार संयम के साथ स्थिति संभालने का प्रयास कर रही थी।
एसएसपी के अनुसार, घटनाक्रम के दौरान 14 पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने भी संयम के साथ अपनी ड्यूटी निभाई।
वायरल वीडियो को लेकर पुलिस ने जताई चिंता
एसएसपी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो को लेकर भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग घटनाक्रम के छोटे-छोटे वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर साझा कर एक विशेष नैरेटिव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अधूरे वीडियो या अपुष्ट जानकारी के आधार पर प्रतिक्रिया देने से बचें और किसी भी घटनाक्रम को उसके पूरे संदर्भ में समझें।
प्रशासन ने छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का किया सम्मान
रांची प्रशासन ने कहा कि पूरे आंदोलन को केवल कुछ घटनाओं के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। प्रशासन के मुताबिक बड़ी संख्या में छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं और संयम का परिचय दिया।
डीसी और एसएसपी ने कहा कि प्रशासन आंदोलनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करता है, लेकिन कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। मंगलवार के प्रस्तावित बंद के दौरान भी प्रशासन स्थिति पर नजर रखेगा और उपद्रव की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट: संवाददाता

