रांची: विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार, 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने सोमवार देर शाम प्रदेश कार्यालय में इसकी घोषणा की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे।
छात्रों पर कार्रवाई का भाजपा ने किया विरोध
भाजपा नेताओं ने विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का विरोध किया। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि छात्र कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दौरान पुलिस ने आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान
आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों के समर्थन और पुलिस कार्रवाई के विरोध में 11 अगस्त को सुबह 8 बजे से देर शाम तक झारखंड बंद रहेगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बंद को सफल बनाने की अपील की।
हालांकि, भाजपा ने आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखने की बात कही है। प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि सावन के दौरान देवघर जाने वाले कांवरियों को नहीं रोका जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को भी बंद से प्रभावित नहीं करने का आग्रह किया।
कांग्रेस और राज्य सरकार पर निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने झारखंड सरकार और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के समर्थन से राज्य में सरकार चल रही है और उसे छात्रों के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से आंदोलनरत छात्रों से मिलने और उनकी मांगों को लेकर सरकार से स्पष्ट बातचीत करने की मांग की।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र वर्ष 2024 से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और इस दौरान उनके खिलाफ कई बार कार्रवाई की गई।
मरांडी ने दावा किया कि हालिया आंदोलन के दौरान छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में आयोजित परीक्षाओं की प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
उन्होंने सहायक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए कहा कि परिणाम कई चरणों में जारी किए गए। भाजपा नेता ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
भाजपा के झारखंड बंद के आह्वान के बाद अब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को सुचारू रखने की अपील के बीच प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी रहेगी।
