धनबाद: न्यू स्टेशन रेलवे कॉलोनी स्थित श्री श्री दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष अपना 61वां दुर्गोत्सव मनाने जा रही है। दुर्गा पूजा आयोजन को लेकर शनिवार को समिति की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित कर तैयारियों और कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी साझा की गई।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस बार दुर्गोत्सव को विशेष रूप देने की तैयारी की जा रही है। पंडाल की थीम में गुपचुप और आदिवासी कबीला की झलक देखने को मिलेगी।
61वें दुर्गोत्सव को भव्य बनाने की तैयारी
प्रेस वार्ता में समिति के मुख्य संरक्षक कुंभनाथ सिंह, अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, महासचिव मुनेश्वर सिंह (मुन्ना), संरक्षक सुदिष्टि सिंह और सोहराब खान ने आयोजन की तैयारियों की जानकारी दी।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 61वें दुर्गोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारी चल रही है। आयोजकों ने इसे आकर्षक बनाने के लिए पंडाल और सजावट में विशेष थीम को शामिल करने का निर्णय लिया है।
आदिवासी कबीला थीम पर तैयार होगा पंडाल
इस वर्ष पंडाल को गुपचुप और आदिवासी कबीला थीम पर तैयार करने की योजना है। पंडाल निर्माण की जिम्मेदारी अखिलेश चौहान, गोधर को दी गई है।
वहीं, पंडाल में लाइटिंग की जिम्मेदारी गोविंदपुर के गुड्डू लाइट को दी गई है। मां दुर्गा की प्रतिमा का निर्माण गोधर के यदु पंडित द्वारा किया जा रहा है।
समिति के आयोजकों ने कहा कि इस बार दुर्गा पूजा को आकर्षक और यादगार बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
तीन दिन होगा भंडारा, सुरक्षा के लिए CCTV
समिति की ओर से बताया गया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी तीन दिवसीय भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा पंडाल और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे पंडाल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
आयोजकों ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान आपसी भाईचारे और कौमी एकता का संदेश देने पर भी विशेष जोर रहेगा।
प्रेस वार्ता में ये सदस्य रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में कार्यकारिणी अध्यक्ष रत्नेश सिंह, वरीय उपाध्यक्ष संजीव पांडेय, गुलाम मुरसलीम तम्मना, कोषाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह, संगीत सिंह, विश्वजीत, भोला, दिनेश, विश्वजीत पॉल, शंभु, रोबिन, अखिलेश चौहान, अंशुमन सिंह, मधुकर, राकेश, अंकित, नितेश, प्रीतम, प्रियांशु, सुमित, रणधीर, रौनक, आरिफ, रोशन, शिवम, गोपाल, क्रिशु और चंदन समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
समिति के अनुसार, 61वें दुर्गोत्सव के दौरान पंडाल की थीम, सजावट, प्रतिमा और सुरक्षा व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।

