भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रैंड चेस टूर सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज का खिताब अपने नाम कर लिया। उन्होंने टूर्नामेंट का खिताब एक राउंड बाकी रहते ही पक्का कर लिया।
प्रज्ञानंद और उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा। इस नतीजे के साथ प्रज्ञानंद की बढ़त इतनी हो गई कि आखिरी राउंड से पहले ही उनकी जीत तय हो गई। 20 साल के प्रज्ञानंद ने कुल 35 में से 23 अंक हासिल किए। सिंदारोव 22 अंकों के साथ दूसरे और वेस्ली सो 20.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
वहीं, लेवोन अरोनियन 19 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे। फैबियानो कारुआना, लीनियर डोमिंग्वेज और जॉर्डन वैन फॉरेस्ट 17-17 अंकों के साथ संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे। इस शानदार जीत के लिए प्रज्ञानंद को 50,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि और 13 ग्रैंड चेस टूर अंक मिले। इस जीत के बाद वह ग्रैंड चेस टूर की ओवरऑल स्टैंडिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि फैबियानो कारुआना अभी भी शीर्ष पर हैं।
प्रज्ञानंद ने पांच दिन के इस इवेंट में शुरू से आखिर तक बढ़त बनाए रखी। सिंदारोव ने आखिरी दौर में कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए और 1.5 प्वाइंट के अंतर से उपविजेता रहे। जून में, प्रज्ञानंद प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच चुके हैं।
सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज टूर्नामेंट में 31 जुलाई से सात अगस्त तक सेंट लुइस चेस क्लब में दस बेहतरीन ग्रैंडमास्टर शामिल हुए। पांच दिनों के खेल में, खिलाड़ियों ने 9 रैपिड राउंड और 18 ब्लिट्ज राउंड खेले। इस दौरान कुल मिलाकर 135 गेम हुए, जिनमें सिंकफील्ड कप और जीसीटी ग्रैंड फाइनल से पहले महत्वपूर्ण टूर पॉइंट दांव पर थे।

