रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी छात्र आंदोलन के बीच गुरुवार देर रात तक सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संभावित वार्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) की सूची को लेकर प्रशासन और आंदोलनकारी मंच के अलग-अलग दावे सामने आए।
धरना स्थल पहुंचे एसडीएम और एडीएम
आंदोलनकारियों के अनुसार गुरुवार को एसडीएम और एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधा और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं से संबंधित समस्याओं की जानकारी ली।
अभ्यर्थियों का कहना है कि अधिकारियों की यह यात्रा केवल सुविधाओं के निरीक्षण तक सीमित रही और उनकी मांगों या सरकार के साथ औपचारिक वार्ता को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
डेलिगेशन को लेकर सामने आए अलग-अलग दावे
मीडिया से बातचीत में एसडीएम ने दावा किया कि आंदोलनकारियों की ओर से उन्हें बताया गया है कि प्रतिनिधिमंडल अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है, इसलिए वार्ता की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
वहीं, JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के प्रवक्ता पीयूष कुमार सिंह ने इस दावे का खंडन किया। उनका कहना है कि प्रशासन को पहले ही दो अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से आधिकारिक संवाद की जानकारी दे दी गई है तथा डेलिगेशन की सूची भी उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर पर भेजी जा चुकी है।
सरकार की पहल का इंतजार
आंदोलनकारी मंच का कहना है कि वह वार्ता के पक्ष में है और सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद कर रहा है। मंच के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है और सरकार के बुलावे पर अधिकृत सदस्य वार्ता में शामिल होंगे।
देर रात तक आंदोलनकारी संभावित वार्ता के निमंत्रण का इंतजार करते रहे। फिलहाल आंदोलन पूर्ववत जारी है और अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

