धनबाद: धनबाद डिस्ट्रिक्ट डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन (DDDA) की महत्वपूर्ण बैठक बैंक मोड़ स्थित चैंबर ऑफ कॉमर्स कार्यालय में अध्यक्ष ललित जगनानी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले के एफएमसीजी (FMCG) डिस्ट्रीब्यूटरों के समक्ष आ रही चुनौतियों, बदलते व्यापारिक माहौल और ई-कॉमर्स से बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर विस्तार से चर्चा की गई।
FMCG कंपनियों की कथित दोहरी नीति पर जताई चिंता
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने आरोप लगाया कि कुछ FMCG कंपनियां मॉडर्न ट्रेड (MT) और जनरल ट्रेड (GT) बाजार में अलग-अलग नीतियां अपना रही हैं, जिससे पारंपरिक वितरकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सदस्यों ने कहा कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में पारंपरिक वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक के दौरान संगठन ने सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए। तय किया गया कि किसी भी नए वितरक की नियुक्ति से पहले संबंधित वितरक का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना आवश्यक होगा।
इसके अलावा, जिन कंपनियों द्वारा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अत्यधिक छूट दी जा रही है, उनके उत्पादों के वितरण का बहिष्कार करने का निर्णय भी लिया गया।
बकाया भुगतान और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी फैसला
संघ ने यह भी निर्णय लिया कि यदि कोई दुकानदार किसी वितरक का बकाया भुगतान नहीं करता है, तो एसोसिएशन का कोई भी सदस्य उस दुकानदार को माल उपलब्ध नहीं कराएगा।
साथ ही, डिस्ट्रीब्यूटरों ने स्वयं का एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म विकसित करने की योजना पर भी सहमति जताई। प्रस्तावित प्लेटफॉर्म के माध्यम से दुकानदारों और ग्राहकों को मूल (Original) उत्पाद रियायती दरों पर उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि ऑनलाइन प्रतिस्पर्धा का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके।
अगले पखवाड़े में होगी विस्तृत बैठक
एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि अगले पखवाड़े में एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें धनबाद के व्यापार की वर्तमान स्थिति, बाजार की चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।
बैठक में जिले के कई प्रमुख FMCG डिस्ट्रीब्यूटर और एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

