AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वहां प्रदर्शनकारियों के साथ जो हो रहा है, वह गलत है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
ओवैसी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कार्रवाई और उनकी मौत की खबरें बेहद गंभीर हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
मदरसों के मुद्दे पर भी दिया जवाब
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मौर्य की बातों से उनकी जानकारी की कमी दिखाई देती है।
ओवैसी ने यह भी कहा कि केशव प्रसाद मौर्य और उनके पहले के लोग देश की आजादी की लड़ाई का हिस्सा नहीं रहे, इसलिए उन्हें ऐसे मुद्दों पर सोच-समझकर बयान देना चाहिए।
1857 की आजादी की लड़ाई पर ओवैसी का बयान
ओवैसी ने कहा कि 1857 की आजादी की लड़ाई से पहले और उसके दौरान कई मदरसों ने अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई थी और ब्रिटिश शासन के खिलाफ जिहाद का आह्वान किया था. उन्होंने कहा कि समस्या केशव प्रसाद मौर्य और संघ परिवार की सोच में है.
उनके अनुसार, आजादी की लड़ाई में संघ परिवार का कोई भी व्यक्ति शहीद नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य को इतिहास पढ़ना चाहिए. अगर वह खुद इतिहास नहीं पढ़ सकते हैं तो किसी जानकार से इसके बारे में समझना चाहिए. ऐसा करने पर उन्हें सच्चाई का पता चल जाएगा.
केशव प्रसाद मौर्य के बयान की निंदा
ओवैसी ने कहा कि वह केशव प्रसाद मौर्य के बयान की निंदा करते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मदरसों के प्रति इतनी नाराजगी और विरोध क्यों है. उनके मुताबिक इस तरह के बयान केवल राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले से लोगों का ध्यान हटाने के लिए दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसी वजह से इस तरह के बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना बयान सामने आ रहे हैं.

