कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, बिहार के पूर्व राज्यपाल और पद्मश्री डॉ. डी.वाई. पाटिल का 4 अगस्त को 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने डॉ. पाटिल को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डॉ. डी.वाई. पाटिल ने शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया। उन्होंने हमेशा गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए काम किया और उनके जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश की।
पीएम मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि डॉ. पाटिल के निधन की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। “ओम शांति।”
राहुल गांधी ने भी जताया शोक
पाटिल के निधन पर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त किया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, पूर्व गवर्नर, जाने माने शिक्षाविद और समाजसेवी डॉ. डीवाई पाटिल के निधन की खबर बेहद दुखद है. शिक्षा और जनसेवा के क्षेत्रों में उनका योगदान हमेशा में याद रखा जाएगा. मैं शोक संतप्त परिवार के सदस्यों, शुभचिंतकों और समर्थनकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.
डॉ. डी. वाई पाटिल से जुड़ी जानकारी
बता दें कि डॉ. डी. वाई पाटिल का पूरा नाम ज्ञानदेव यशवंतराव पाटिल है. वह एक राजनेता, समाजसेवी और भारत के प्रमुख शिक्षाविदों में थे. उन्होंने 2009 से 2013 तक बिहार के गवर्नर के तौर पर काम किया. वह कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे.
इसके अलावा उन्हें भारत के सबसे बड़े निजी शिक्षा नेटवर्क में से एक बनाने के लिए जाना जाता है. उन्होंने डी.वाई ग्रुप की स्थापना की. यह भारत के एक प्राइवेट एजुकेशन नेटवर्क में से एक है. इसके तहत महाराष्ट्र और भारत के अन्य हिस्सों में मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग कॉलेज, डेंटल कॉलेज और मैनेजमेंट संस्थान चल रहे हैं. शिक्षा और समाज के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए, भारत सरकार ने उन्हें 1991 में पद्मश्री से सम्मानित किया था.

