मशहूर नेपाली-ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल पुरजा (निम्सदाई) का शव रविवार (2 अगस्त 2026) को रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिया। करीब तीन दिन पहले पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में स्थित ब्रॉड पीक पर आए एवलांच (बर्फीले तूफान) की चपेट में निर्मल पुरजा और अन्य पर्वतारोही आ गए थे।
5,700 मीटर की ऊंचाई पर मिला शव
पाकिस्तान एल्पाइन क्लब (ACP) के अनुसार, 43 वर्षीय निर्मल पुरजा का शव करीब 5,700 मीटर की ऊंचाई पर मिला। रेस्क्यू टीम ने कठिन परिस्थितियों के बीच उनका शव बरामद किया. ब्रॉड पीक दुनिया का 12वां सबसे ऊंचा पर्वत है और इसे पर्वतारोहण की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में गिना जाता है।
पाकिस्तान एल्पाइन क्लब ने सोशल मीडिया पर कहा कि रेस्क्यू टीम निर्मल पुरजा तक पहुंच गई थी। क्लब ने भावुक संदेश में लिखा कि जिस पर्वत से निर्मल पुरजा को सबसे ज्यादा प्यार था, उसी पर्वत ने उन्हें हमेशा के लिए हमसे दूर कर दिया।
10 सदस्यों की मौत की पुष्टि हो चुकी है
ACP ने यह भी बताया कि ऊंचाई वाले इलाके में 3 और शव दिखाई दिए हैं, लेकिन उनकी पहचान अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं हो पाई है. इससे पहले शनिवार को निर्मल पुरजा की एक्सपीडिशन कंपनी एलीट एक्सपेड ने जानकारी दी थी कि टीम के सभी 10 सदस्यों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. एल्पाइन क्लब ने कहा कि ग्राउंड रेस्क्यू टीम बरामद किए गए शवों को जापानी कैंप तक लेकर आएगी.
क्लब के अनुसार, बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में बचाव अभियान लगातार जारी है. ऊंचे पहाड़ी इलाके, एवलांच का खतरा और खड़ी ढलानें राहत और बचाव कार्य को और मुश्किल बना रही हैं. खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल भी संभव नहीं हो पा रहा है.
कौन से देश के थे पर्वतारोही?
निर्मल पुरजा इस अभियान का नेतृत्व कर रहे थे. उनके साथ 9 अन्य पर्वतारोही भी शामिल थे, जिनमें 5 नेपाल से, एक पाकिस्तान से, एक ओमान से, एक अमेरिका से और एक चीन से था. दस पर्वतारोहियों में से चार शव शुक्रवार को बरामद किए गए थे.
ACP के अध्यक्ष मेजर जनरल इरफान अरशद ने बताया कि इनमें से 3 की पहचान ओमान की नादिरा अहमद अब्दुल्ला अल हर्थी, नेपाल के पुर बहादुर गुरुंग और अमेरिका की मैलोरी गीस के रूप में की गई है. इन शवों को एयरलिफ्ट कर स्कार्दू ले जाया गया था. ब्रॉड पीक पर आए इस एवलांच ने पूरे पर्वतारोहण जगत को झकझोर दिया है. निर्मल पुरजा दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पर्वतारोहियों में गिने जाते थे और उन्होंने कई कठिन माउंटने ऑपरेशन में बड़ी उपलब्धियां हासिल की थीं.

