चिड़ियाघर में मरम्मत कार्य के दौरान हुई लापरवाही की वजह से एक नर चिंकारा हिरण की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बाड़े के पास रखी सीमेंट की प्लास्टिक बोरी उसके सींग में फंस गई थी। बोरी आंखों पर आ जाने के कारण चिंकारा को कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। घबराकर वह काफी देर तक बाड़े में इधर-उधर दौड़ता रहा। इस दौरान उसका सींग टूट गया और उसे गंभीर चोटें आईं।
सूत्रों के अनुसार, घटना के समय मौके पर कोई कीपर मौजूद नहीं था और सुरक्षा के इंतजाम भी पर्याप्त नहीं थे। घायल चिंकारा की हालत इतनी खराब थी कि वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। इलाज के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि उसका एक पैर भी टूट गया था। कुछ दिनों तक इलाज चलने के बाद चिंकारा की मौत हो गई। इस घटना के बाद चिड़ियाघर की सुरक्षा व्यवस्था और मरम्मत कार्य के दौरान बरती जा रही सावधानियों पर सवाल उठ रहे हैं।
समय पर इलाज नहीं मिल सका
चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने बताया कि यह चिंकारा करीब पांच वर्ष पहले हरियाणा से लाया गया था। आरोप है कि घायल होने के बाद समय पर समुचित इलाज नहीं मिल सका, जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई और अंत में उसकी मौत हो गई। हालांकि, चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने मौत के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की।
उन्होंने केवल इतना कहा कि शाकाहारी जानवरों को बाड़े के भीतर दौड़ने या एनिमल हाउस में शिफ्ट करने के दौरान कभी-कभी चोट लग जाती है। सभी घायल जानवरों को तत्काल अस्पताल लाकर उपचार दिया जाता है।

