पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में तीसरे दिन भी हालात तनावपूर्ण बने रहे। प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स और सुरक्षा बलों की ओर से की गई गोलीबारी में कई लोगों के मारे जाने की खबर है।
रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर करीब 1 बजे चिनार चौक के पास खेतों में मौजूद लोगों पर दो पाकिस्तानी रेंजर्स ने कथित तौर पर करीब से गोलीबारी की। इस घटना में कम से कम तीन लोगों की मौत होने का दावा किया गया है।
बारिश शुरू होने के बाद कुछ समय के लिए स्थिति शांत रही। लेकिन शाम करीब 4 बजे, जब रावलाकोट से मुज़फ्फराबाद की ओर प्रदर्शनकारियों का बड़ा काफिला बढ़ा, तो पुलिस नाके पर फिर तनाव बढ़ गया। पहले पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उसके बाद रेंजर्स की ओर से कथित तौर पर फायरिंग की गई। इस घटना में भी दो लोगों की मौत होने की बात कही गई है।
बताया जा रहा है कि रावलाकोट के ईदगाह मैदान से दो लाख से अधिक प्रदर्शनकारी निकले थे। देर रात तक बड़ी संख्या में लोग डी चौक पर डटे रहे। रिपोर्टों के मुताबिक, रात में शहर की बिजली भी काट दी गई और कई जगहों पर प्रदर्शन तथा नारेबाजी जारी रही।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि सोमवार और मंगलवार की हिंसा में घायल हुए 7 लोगों की बाद में मौत हो गई। इसके बाद दो दिनों में मरने वालों की संख्या 31 और तीन दिनों में कुल 36 होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन मौतों और घटनाओं के आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
पाकिस्तान रेंजर्स कर रहे हैं टारगेट किलिंग
पीओके में पाकिस्तानी रेंजर्स इस बार टारगेट किलिंग भी कर रहे हैं यानी गोलीबारी के समय ऐसे लोगों को मार रहे हैं जो प्रदर्शन में जिम्मेदारी संभाल रहे थे. इसी कड़ी में सोमवार को रेंजर्स की फायरिंग में प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में से एक उमर नज़ीर के भाई उस्मान नज़ीर की पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में मौत हो गई.
इसी तरह प्रदर्शन में हर दिन रावलकोट बस स्टैंड पर राम प्रसाद बिस्मिल की ‘सरफ़रोशी की तम्माना’ गाने वाले पीएचडी छात्र ओसामा जमील की भी कल चिनार चौक पर पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में मौत हो गई. हिजबुल मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर फारूक सुधान भी पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुआ है.
जानकारी के मुताबिक बीते तीन दिनों में पाकिस्तानी रेंजर्स की बर्बरता में 80 से ज़्यादा लोग रावलाकोट और मीरपुर में घायल हुए हैं. जहां एक तरफ पाकिस्तान रेंजर्स और पीओके पुलिस लोगों के गोली मार रही है तो दूसरी तरफ मीरपुर में पाकिस्तानी सेना की लूटमारी की वीडियो और सीसीटीवी मिले हैं, जहां पर सादी वर्दी में रेंजर्स और वर्दी में पीओके पुलिस के जवान एक दुकान का ताला तोड़ कर उसने से पानी की बोतल और आइसक्रीम चोरी कर रहे हैं.
शहबाज के सलाहकार ने फायरिंग को ठहराया सही
कुल मिलाकर 7 जून से शुरू हुई पाकिस्तानी सेना की बर्बरता और 9 जुलाई से शुरू हुए विद्रोह में विद्रोह के 50 वे दिन 29 जुलाई तक 110 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. साथ ही अभी भी बर्बरता जारी है. बर्बरता और विद्रोह के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के राजनैतिक मामलो पर विशेष सलाहकार और पूर्व गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह ने पाकिस्तान की दशकों पुरानी आतंक की नीति की गवाही देते हुए एक न्यूज़ में कहा कि मुजफ्फराबाद कूच की कोशिश करने वाले, रावलाकोट में बैठे वही आतंकी हैं जिन्हें कभी पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ ट्रेन करके लड़ने के लिए भेजा था. राणा सनाउल्लाह ने दावा किया कि इन लोगों के पास हथियार भी हैं और इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जो कार्रवाई की जा रही है वो सही है.

