नई दिल्ली: शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के शिक्षा मंत्रियों ने भाग लिया। सम्मेलन में आगामी 29 जुलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन के छह वर्ष पूरे होने के अवसर पर स्कूल शिक्षा से जुड़ी केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति, राज्यों के सुझाव और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
सम्मेलन में समग्र शिक्षा, PM SHRI, PM POSHAN और NIPUN भारत जैसी प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही राज्यों के अनुभवों और सुझावों के आधार पर इन योजनाओं को और मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श हुआ।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर जोर
सम्मेलन में इस बात पर बल दिया गया कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में स्कूल शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के लगभग 30 करोड़ स्कूली बच्चों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप Foundational Literacy and Numeracy (FLN), मातृभाषा में शिक्षा, कौशल विकास, खेल, नवाचार, वैज्ञानिक सोच और विद्यालयों में सामुदायिक भागीदारी को और सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
योजनाओं के विस्तार पर हुई चर्चा
बैठक में PM SHRI विद्यालय, PM POSHAN और Atal Tinkering Labs के विस्तार के साथ-साथ स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय पर भी चर्चा हुई।

सम्मेलन में यह भी कहा गया कि यह केवल योजनाओं की समीक्षा का मंच नहीं, बल्कि राज्यों के अनुभवों और नवाचारों के आदान-प्रदान के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने का अवसर है। इसका उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और भविष्य उन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना तथा राष्ट्र निर्माण के लिए सक्षम नई पीढ़ी तैयार करना है।

