पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एयर इंडिया का बड़ा फैसला, तेल अवीव-दिल्ली रूट पर उड़ानें सितंबर तक बंद

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एयर इंडिया का बड़ा फैसला, तेल अवीव-दिल्ली रूट पर उड़ानें सितंबर तक बंद

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में फिर से तनाव और संघर्ष बढ़ने के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए एयर इंडिया ने बड़ा फैसला लिया है। एयर इंडिया ने घोषणा की है कि दिल्ली-तेल अवीव रूट पर अपनी सभी उड़ानें सितंबर के आखिर तक रद्द (सस्पेंड) रहेंगी।

एयरलाइन ने बताया कि यह फैसला क्षेत्र में बने सुरक्षा हालात को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एयर इंडिया पिछले कई महीनों से इस रूट पर उड़ानों को समय-समय पर सस्पेंड करती रही है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल इस रूट पर उड़ान सेवाएं बंद रखने का फैसला किया गया है।

यह ताजा घोषणा पिछले 10 दिनों में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच आई है। कारण है कि अमेरिका और ईरान के बीच मिलिट्री एक्टिविटी बढ़ गई है। अमेरिकी सेना ने ईरान में पुलों, पानी को खारापनी-मुक्त करने वाले प्लांट और बिजली सुविधाओं को निशाना बनाया है। इसके जवाब में तेहरान ने पश्चिम एशिया में सहयोगी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं।

सुरक्षा चिंताओं के कारण ऑपरेशन्स सस्पेंड

एयर इंडिया के इजरायल ऑपरेशन्स के प्रमुख एक सीनियर अधिकारी ने न्‍यूज एजेंसी को बताया कि ‘सुरक्षा चिंताओं के कारण’ ऑपरेशन्स को ‘सितंबर के आखिर तक’ और सस्पेंड कर दिया गया है। इलाके में तनाव के चलते कई दूसरी बड़ी इंटरनेशनल एयरलाइंस भी ‘इंतजार करो और देखो’ यानी वेट एंड वॉच की पॉलिसी अपना रही हैं।

बड़ी चुनौतियां हो गई हैं पैदा

इजरायली एयरलाइंस जैसे एल अल, इजराएयर, अर्किआ और एयर हाइफा के अलावा बहुत कम इंटरनेशनल एयरलाइंस ही ऑपरेट कर रही हैं। इससे काम, छुट्टी या परिवार से मिलने के लिए विदेश जाने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी चुनौतियां पैदा हो गई हैं।

फरवरी के आखिर में ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के कुछ हफ्ते बाद भारतीय एयरलाइन ने अप्रैल में मई के आखिर तक अपने ऑपरेशन्स को रोकने की घोषणा की थी। इसे बाद में जुलाई के आखिर तक और अब सितंबर के आखिर तक बढ़ा दिया गया है।

40,000 से ज्‍यादा भारतीयों के बीच बड़ी चिंता

एयर इंडिया की उड़ानों के सस्पेंशन से इजरायल में रह रहे 40,000 से ज्‍यादा भारतीयों के बीच बड़ी चिंता पैदा हो गई है। ये निजी या प्रोफेशनल कारणों से या फिर इलाके में अनिश्चितता से बचने के लिए भारत आना चाहते हैं।

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