नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों में भारत में 50 OTT प्लेटफॉर्म बंद कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री दिखाई जा रही थी और कई कानूनी नियमों का उल्लंघन किया गया था।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में लिखित जवाब देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन OTT प्लेटफॉर्म और अन्य ऑनलाइन इंटरमीडियरी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महिलाओं के अशोभनीय चित्रण से जुड़े कानूनों के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई की गई।
सरकार के अनुसार, जिन प्लेटफॉर्म पर अश्लील कंटेंट प्रसारित किया जा रहा था या जो कानूनों का पालन नहीं कर रहे थे, उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें भारत में बंद कर दिया गया।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार को जब भी किसी तरह की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच की जाती है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाती है. सरकार आईटी एक्ट की धारा 79(3)(B) के तहत मिली पावर का इस्तेमाल करते हुए संबंधित प्लेटफॉर्म या इंटरमीडियरी को गैरकानूनी कंटेंट हटाने या उस तक एक्सेस रोकने के आदेश देती है.
डिजिटल नीति का मकसद है खास
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार की डिजिटल नीति का मकसद सभी इंटरनेट यूजर, खासकर बच्चों के लिए सेफ, भरोसेमंद और जिम्मेदार इंटरनेट उपलब्ध कराना है. उन्होंने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड नियम, 2021 मिलकर ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करते हैं, जो डिजिटल सेफ्टी, यूजर की सेफ्टी और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार को बढ़ावा देता है. उन्होंने कहा कि आईटी नियमों के तहत सभी इंटरमीडियरी के लिए जरूरी सावधानियों और नियमों का पालन करना अनिवार्य है.

