NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र और विपक्ष लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली में 20 जुलाई को कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान हुए लाठीचार्ज के बाद वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।
अन्ना हजारे ने कहा कि छात्रों की मांगों को दबाने के बजाय सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए। उनका मानना है कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान संवाद से होना चाहिए, न कि दमन से।
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे 23 जुलाई को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित वाडिया पार्क के गांधी स्मारक पर मौन आंदोलन करेंगे।
‘लोकतंत्र में दमन नहीं, संवाद होना चाहिए’, अन्ना हजारे ने सरकार को दी नसीहत
लोकतंत्र में संवाद के बजाय दमन का रास्ता अपनाए जाने पर अन्ना हजारे ने चिंता व्यक्त की. अन्ना हजारे के आंदोलन स्थल को प्रतीकात्मक रूप से ‘नगर का जंतर-मंतर’ नाम दिया जाएगा. इस आंदोलन पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में दमन नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाए.
भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी चिंताजनक है
अन्ना हजारे ने कहा, ‘पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी चिंताजनक है. छात्रों के आंदोलन को कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि जनभावना का मुद्दा मानना चाहिए. सरकार छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ सकारात्मक संवाद करे.’ उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के मार्ग पर चलते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की.
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा. इसी बीच सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि हमारा समय कीमती है और हम केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से तभी मुलाकात करेंगे, जब वे हमारी मांगों को पूरा करने के लिए मानेंगे. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दूसरी बार बातचीत के लिए बुलाया है. उन्होंने स्पष्ट किया, ‘हमने साफ तौर पर कह दिया है कि हम घर या ऑफिस नहीं आ रहे हैं. पहली मुलाकात में हमें चार घंटे रोके रखा गया था. हमारी तरफ से कहा गया है कि अगर हमारी मांगें पूरी करेंगे, तभी हमें बुलाइए.’

