पटना: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए 10 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
राजधानी पटना, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय और खगड़िया समेत कई जिलों में सोमवार सुबह से लगातार बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर जलजमाव की स्थिति बनने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बेगूसराय और खगड़िया में जलजमाव, कई इलाकों में बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश के कारण बेगूसराय के मंसूरचक प्रखंड क्षेत्र की मुख्य सड़क जलमग्न हो गई है। सड़क किनारे स्थित कई घरों में पानी प्रवेश करने की सूचना है। खगड़िया में भी कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गई हैं। इसके अलावा सीवान के सदर अस्पताल परिसर, बगहा के कुछ गांवों और बक्सर के कई हिस्सों में भी जलजमाव की स्थिति देखी गई।
आकाशीय बिजली से 9 लोगों की मौत
बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 9 लोगों की मौत की सूचना है।
- नालंदा में ठनका गिरने से 3 लोगों की जान गई।
- सारण जिले में धान की रोपाई के दौरान 2 लोगों की मौत हुई, जबकि एक व्यक्ति घायल बताया गया।
- सिवान में खेत में काम कर रहे 2 किसानों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई।
- बक्सर और रोहतास में 1-1 व्यक्ति की जान गई।
23 जुलाई तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 20 से 23 जुलाई तक राज्य में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। उत्तर और पश्चिम बिहार के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि दक्षिण और मध्य बिहार में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की संभावना भी जताई गई है।
पटना में भी भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, पटना और आसपास के क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। 21 और 22 जुलाई को राजधानी सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटों के दौरान पटना और किशनगंज के कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है।
लोगों के लिए सावधानी की सलाह
लगातार बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

