धनबाद: वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार के नेतृत्व में धनबाद पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उन्हें न्यायालय से सजा दिलाने की दिशा में भी लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। मजबूत अनुसंधान, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप जून 2026 के दौरान विभिन्न मामलों में 18 मामलों के 30 अभियुक्तों को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
हत्या, दुष्कर्म और अपहरण मामलों में कड़ी सजा
न्यायालय के फैसलों के अनुसार:
- 2 अभियुक्तों को आजीवन कारावास
- 2 अभियुक्तों को 10 वर्ष का कारावास
- 1 अभियुक्त को 7 वर्ष का कारावास
- 5 अभियुक्तों को 3 वर्ष का कारावास
- 20 अभियुक्तों को 2 वर्ष तक के कारावास की सजा सुनाई गई।
हत्या के दो मामलों में चार अभियुक्त दोषी पाए गए। इनमें दो को आजीवन कारावास और दो अन्य को तीन वर्ष तक के कारावास की सजा मिली।
दुष्कर्म के एक मामले में एक अभियुक्त को 10 वर्ष के कठोर कारावास, जबकि अपहरण के एक मामले में एक अभियुक्त को 7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।
अन्य मामलों में भी दोषियों पर कार्रवाई
गंभीर रूप से घायल करने के तीन मामलों में कुल सात अभियुक्तों को दो वर्ष तक के कारावास की सजा दी गई।
विविध चोरी के दो मामलों में दो अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया, जिनमें एक को 10 वर्ष और दूसरे को 2 वर्ष के कारावास की सजा मिली।
इसके अलावा:
- महिला अत्याचार के एक मामले में एक अभियुक्त को 2 वर्ष
- छेड़खानी के एक मामले में एक अभियुक्त को 2 वर्ष
- आर्म्स एक्ट के दो मामलों में तीन अभियुक्तों को 3 वर्ष तक
- जुआ अधिनियम के दो मामलों में चार अभियुक्तों को 2 वर्ष तक
- अन्य तीन मामलों में छह अभियुक्तों को 2 वर्ष तक के कारावास की सजा सुनाई गई।
मजबूत अनुसंधान से बढ़ रही दोषसिद्धि दर
धनबाद पुलिस का कहना है कि अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ मजबूत अनुसंधान, वैज्ञानिक साक्ष्य, समयबद्ध चार्जशीट और न्यायालय में प्रभावी पैरवी ही दोषियों को सजा दिलाने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देशन में इसी रणनीति पर लगातार कार्य किया जा रहा है, जिससे गंभीर मामलों में दोषसिद्धि की दर बढ़ रही है और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय मिल रहा है। पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि कानून से बच निकलना संभव नहीं है।

