इटावा: नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट में कथित तौर पर न्यायालय की कार्यवाही के दौरान हंगामा करने के आरोप में चर्चा में आए प्रवल प्रताप सिंह यादव अब राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में हैं। घटना के बाद हर कोई जानना चाहता है कि आखिर प्रवल प्रताप कौन हैं और उनकी पृष्ठभूमि क्या है।
इटावा के भरथना क्षेत्र के रहने वाले हैं प्रवल प्रताप
प्रवल प्रताप सिंह यादव उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की भरथना तहसील के ग्राम नगला जयलाल भोली के निवासी हैं। उनका गांव भरथना कस्बे से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। परिवार साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है। उनके पिता ढाई बीघा कृषि भूमि पर खेती करते हैं और साथ ही भरथना कस्बे की एक निजी दुकान में कार्यरत हैं।
एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं
परिजनों के अनुसार प्रवल प्रताप ने प्रारंभिक शिक्षा एसएवी इंटर कॉलेज, भरथना से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सुतियानी स्थित एसएस मेमोरियल कॉलेज से स्नातक तथा हैंवरा डिग्री कॉलेज से बीएड की पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वह लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं और उनकी पढ़ाई का एक वर्ष शेष बताया गया है। पढ़ाई के दौरान वह विश्वविद्यालय परिसर के पास किराये के मकान में रहते थे।
परिवार और ग्रामीणों ने जताई हैरानी
घटना के बाद परिवार और गांव के लोग हैरान हैं। परिजनों का कहना है कि प्रवल प्रताप का कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है। उनकी मां कुंती देवी के अनुसार घटना वाले दिन शाम करीब छह बजे उनकी बेटे से फोन पर बात हुई थी। उस समय उसने सोने की बात कहकर फोन समाप्त कर दिया था।
गांव के लोगों का कहना है कि प्रवल प्रताप शांत स्वभाव के थे और अक्सर लोगों को विवादों से दूर रहने की सलाह देते थे। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में उनके नाम से जुड़ी इस घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है।
परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य
प्रवल प्रताप के परिवार में माता-पिता के अलावा दो बहनें हैं, जिनका विवाह हो चुका है। परिवार का घर साधारण है, जिसमें एक कमरा और बरामदा है। परिजनों के अनुसार उनकी आर्थिक स्थिति सामान्य है।
जांच जारी
सुप्रीम कोर्ट में हुई घटना के संबंध में संबंधित एजेंसियां और अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। घटना के कारणों और परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक जांच जारी है। जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। वहीं परिवार और स्थानीय लोग भी घटना की वास्तविक वजह सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

